हांसी। उपचार में कथित तौर पर लापरवाही से एक नवजात बच्चे की मौत मामले में पुलिस ने शहर के एक निजी अस्पताल के दो और हिसार के चिकित्सक पर केस दर्ज किया है। मामला 22 अगस्त का है और नवजात की मौत करीब एक साल पहले हुई थी। सोमवार को सोशल मीडिया पर एफआईआर वायरल होने पर यह मामला सुर्खियों में आया।
शहर थाने में 22 अगस्त को दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक ढाणी सांकरी निवासी लोकेश ने बताया कि उसकी पत्नी सोनिया 34 महीने की गर्भवती थी। वह उसे दिखाने के लिए 7 नवंबर 2024 को शहर के बालाजी अस्पताल ले गया, जहां डिलिवरी के दौरान उसने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद डॉ. मुन्नी ने कहा कि आप सोनिया को घर ले जाएं लेकिन बच्चा कमजोर है इस कारण उसे दो-तीन दिन नर्सरी में रखना पड़ेगा। बच्चे की देखरेख डॉ. साहिल बामल व डॉ. हर्ष भ्याना करेंगे। 12 नवंबर की रात अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि आपके बच्चे को सोनाक्षी अस्पताल हिसार ले जाना पड़ेगा। अस्पताल पहुंचकर मैंने कहा कि डॉ. हर्ष और साहिल से बच्चे की हालत के बारे में जानना है, लेकिन स्टाफ ने कहा कि दोनों ही यहां नहीं है। इस पर मुझे मजबूरन बच्चे को सोनाक्षी अस्पताल ले जाना पड़ा। वहां डॉ. हर्ष भ्याना ने कहा कि बच्चे की हालत बेहद गंभीर है। रात करीब 12.45 बजे बच्चे की मौत हो गई। अगले दिन जब वह कागजात लेने बालाजी अस्पताल गया तो पता चला कि वहां मुन्नी नाम की कोई डिग्रीधारकर डॉक्टर नहीं है। जबकि उसने खुद को प्रसूति रोग विशेषज्ञ बताया था। आरोप है कि डॉ. हर्ष भी बच्चे को देखने एक बार भी अस्पताल नहीं आए। लोकेश ने बताया कि तीनों लोगों ने उसे धोखे में रखा और इनकी लापरवाही से बच्चे की जान चली गई। इस मामले की जांच बाद में मेडिकल नेग्लिजेंसी बोर्ड से करवाई तो तीनों की लापरवाही से बच्चे की मौत की रिपोर्ट दी। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों पर बीएनएस की धारा 106 व 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया।