जिम्स के डॉक्टर की खुदकुशी में कनाडा की डेंटिस्ट व परिजन पर केस
- मां ने बेटे की महिला मित्र व उसके परिवार पर लगाया परेशान करने का आरोप
- बोली, खुदकुशी से पहले बेटे ने कॉल कर सुनाई थी उत्पीड़न की कहानी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के डॉक्टर अंकित चतुर्वेदी के दो माह पहले खुदकुशी के मामले में कनाडा की दंत चिकित्सक (डेंटिस्ट) महिला मित्र व उनके परिजन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। डॉ. अंकित की मां ने डॉ आक्क्षी मल्होत्रा (डेंटिस्ट), उसकी मां समेत अन्य लोगों पर बेटे को परेशान करने का आरोप लगाया है। ईकोटेक-1 थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि कॉल कर पुलिस की ओर से पूछताछ करने पर डेंटिस्ट ने आरोपों को निराधार बताया है।
लखनऊ के विजय खंड लोहिया नगर गोमती नगर निवासी नमिता चतुर्वेदी ने ईकोटेक वन थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि उनका बेटा डॉ. अंकित जिम्स में रेडियोलॉजिस्ट पद पर तैनात था। वह गौतमबुद्ध विवि के हॉस्टल में रहता था और उसका कनाडा में रहने वाली आक्क्षी मल्होत्रा से लंबे समय से दोस्ती थी। नमिता का आरोप है कि दोनों के संबंध से आक्क्षी के घर वाले खुश नहीं थे। 23 मई को उनके बेटे डॉ. अंकित का उनके पास फोन आया था। अंकित काफी परेशान और दुखी था। अंकित ने उन्हें बताया कि आक्क्षी, उसकी मां और अन्य परिजन उसे परेशान करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। डॉ. अंकित ने यह भी कहा कि वह तंग आकर जान दे रहा है। इसके बाद अंकित ने खुदकुशी कर ली। नमिता ने बताया कि बेटे की मौत के बाद से वह काफी दुखी और परेशान थी। घटना के बाद अंतिम संस्कार से लेकर अन्य क्रियाएं पूरी कराने के बाद अब वह पुलिस से शिकायत कर पाई हैं।
डेंटिस्ट ने कहा किसी अन्य युवती के संपर्क में थे डाॅ. अंकित
ईकोटेक वन थाना प्रभारी अनुज कुमार का कहना है कि इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। डॉक्टर अंकित की कनाडा में रहने वाली डेंटिस्ट आक्क्षी से फोन पर पूछताछ की गई है। उन्होंने नमिता के आरोपों को निराधार बताया है। आक्क्षी का कहना है कि लंबे समय तक उससे संबंध रखने के बाद डॉ. अंकित किसी अन्य युवती के संपर्क में थे।
नेपाल में हुई दोस्ती, कनाडा बुलाना चाहती थी
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2008 में अंकित नेपाल में एमबीबीएस कर रहे थे। और वही पर आक्क्षी मल्होत्रा बीडीएस कर रही थी। उसी दौरान दोनों की पहचान व निकटता हुई थी। आक्क्षी को कनाडा की नागरिकता मिल गई थी। वह डॉ. अंकित को भी कनाडा बुलाना चाहती थी। लेकिन डॉ. अंकित कनाडा जाने के लिए सहमत नहीं थे।