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नोएडा में मिला ब्लैक फंगस का मामला, मरीज की आंखें हो गईं बंद

Fri, 14 May 2021 01:43 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद पिता को ब्लैक फंगस बीमारी हो गई। मरीज की आंखें धस रही थीं और उन्हें ठीक से दिखाई देना भी बंद हो गया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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नोएडा सेक्टर-19 स्थित कैलाश अस्पताल में गुरुवार को ब्लैक फंगस (म्यूकोमायोकोसिस) बीमारी से पीड़ित मरीज को भर्ती कराया गया है। बरौला निवासी मांगेराम शर्मा को कोविड-19 बीमारी से ठीक होने के बाद आंखों की रोशनी कम होने पर उन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। यहां मरीज की हालत गंभीर होने पर उन्हें नोएडा के कैलाश अस्पताल भेजा गया है।

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बरौला गांव निवासी विपिन शर्मा ने बताया कि पिता मांगेराम शर्मा की 15 दिन पहले जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर नोएडा के सेक्टर-39 स्थित कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां करीब 10 दिन तक उनका उपचार चला। कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद पिता को ब्लैक फंगस बीमारी हो गई। मरीज की आंखें धस रही थीं और उन्हें ठीक से दिखाई देना भी बंद हो गया था।

यहां से उन्हें मेरठ के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। यहां भी उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें किसी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाने के लिए कहा गया। परिजन ने बुधवार को उन्हें मेरठ से सेक्टर-19 कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया। पिता की दोनों आंखों पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं। उन्हें कुछ ठीक से दिखाई नहीं दे रहा है।
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उपचार में आवश्यक इंजेक्शन की भी कमी
अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि फार्मेसी में ब्लैक फंगस के उपचार में उपयोग होने वाले इंजेक्शन नहीं हैं। अस्पताल प्रबंधन कई फार्मेसी से पता लगाने में जुटा है। वहीं, मरीज के परिजन से भी इस इंजेक्शन का इंतजाम करने के लिए कहा है। विपिन ने बताया कि इंजेक्शन के लिए उन्होंने नोएडा के सभी बड़े अस्पतालों की फार्मेसी व मेडिकल स्टोर पर संपर्क किया, लेकिन कहीं भी इंजेक्शन नहीं मिला।

यथार्थ अस्पताल में भी मामले मिलने का दावा
जिले में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। यथार्थ अस्पताल में कोरोना से ठीक होने के बाद अब तक छह मरीज सामने आ चुके हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है।

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