सेक्टर-31 स्थित प्रेसिडियम स्कूल में चार सितंबर को शिक्षक दिवस का कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में छठी क्लास की 10 वर्षीया छात्रा तनिष्का शर्मा शामिल होने स्कूल आई थी। तनिष्का ने स्कूल में लंच किया और इसके बाद वहां से निकलकर नीचे आ रही थी। तभी उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और बेहोश हो गई थी।
इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्ची को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था। इस मामले में बच्ची की मां तृप्ता शर्मा का कहना है कि उन्होंने 4 सितंबर को खुद ही बेटी को स्कूल छोड़ा था। करीब 11.30 बजे स्कूल से फोन आया कि तनिष्का बेहोश हो गई है। आप कैलाश अस्पताल पहुंचिए, वहीं हम लोग तनिष्का को ले जा रहे हैं।
जब तृप्ता शर्मा अस्पताल पहुंची तब चिकित्सकों ने बताया कि वह मृत अवस्था में ही अस्पताल लाई गई थी। तृप्ता का कहना है कि जहां बेटी की तबीयत खराब होने की बात कही जा रही है। वहां का वीडियो कहां हैं।
डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद का कहना है कि बच्ची की मां की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज किया गया है। स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं इस घटना के बाद डीआईओएस की तरफ से भी जांच की गई है। इस जांच में भी स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की कमी और अन्य तरह की लापरवाही की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों के पैनल से बच्ची का पोस्टमार्टम कराया गया था। मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर बिसरा सुरक्षित रख लिया गया था।
सोशल मीडिया के माध्यम से पर मां ने लगाए थे आरोप
चार सितंबर की घटना के बाद जब पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई तब बच्ची की मां तृप्ता शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि फूल जैसी बेटी को परियों की तरह पाला था। इन्हीं हाथों से उसका अंतिम संस्कार किया। 15 दिन बाद भी उसकी मौत की सच्चाई का पता नहीं चला। मुझे आखिरी मिनट का सच जानना है। इसके बाद अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।