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Noida News: धोखाधड़ी के मामले में बिल्डर और फाइनेंस कंपनी पर केस

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- निवेशक से 36 लाख रुपये लेने के बावजूद फ्लैट न देने का आरोप
-न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुटी पुलिस


माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। फ्लैट दिलाने के नाम पर निवेशक से हुई धोखाधड़ी के मामले में शुक्रवार को कोर्ट के आदेश पर बिल्डर और फाइनेंस कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है।
आगरा निवासी वीरेंद्र कुमार भारती का कहना है कि वर्ष-2016 में उन्होंने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ईटा-2 स्थित मिगसन विन परियोजना में फ्लैट बुक कराया था। बिल्डर कंपनी मैसर्स एसजेपी एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशक सुनील मिगलानी व राजेश्वर शर्मा ने दावा किया था कि 16 जून 2020 तक फ्लैट का कब्जा मिल जाएगा। फ्लैट की कुल कीमत करीब 31 लाख रुपये तय हुई थी। पीड़ित के अनुसार उसने अब तक करीब 36 लाख 61 हजार 40 रुपये बिल्डर को अदा कर दिए हैं। इसके बावजूद न तो बिल्डर ने कंप्लीशन सर्टिफिकेट दिया और न ही फ्लैट का कब्जा। कंपनी ने बाद में फ्लैट की कीमत बढ़ी हुई बताकर 9.50 लाख रुपये अतिरिक्त मांगे।
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पीड़ित ने आईआईएफएल फाइनेंस लिमिटेड से 25 लाख रुपये का होम लोन लिया था। लेकिन बिल्डर की मिलीभगत से फाइनेंस कंपनी ने अचानक जनवरी 2025 में बिना सूचना और सहमति के पीड़ित का लोन खाता बंद कर दिया। जब आपत्ति जताई तो शाखा प्रबंधक ने बताया कि बिल्डर यह फ्लैट किसी और को ऊंची कीमत पर बेचना चाहता है। पीड़ित के अनुसार जब वह बिल्डर के दफ्तर गया तो वहां मौजूद बाउंसरों ने उसे धमकाकर भगा दिया। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि बिल्डर कंपनी और उसके निदेशक के अलावा फाइनेंस के खिलाफ धोखाझड़ी का मुकदमा कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
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