फिरोजपुर झिरका। जन्मतिथि में हेराफेरी कर वर्ष 2015 में बाईखेड़ा की सरपंच बनने वाली शम्मा पुत्री आस मोहम्मद निवासी महू और हेराफेरी करने वाले मास्टरमाइंड महू स्कूल के अध्यापक कासम पुत्र इस्माइल और पूर्व हेडमास्टर सहित चार लोगों के खिलाफ झिरका कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। लटूरबॉस (महू) के समसुद्दीन ने झिरका के एसडीजे एम. प्रवीण कुमार की अदालत में एक माह पूर्व दी शिकायत में कहा था कि 2015 में बाईखेड़ा गांव के सरपंच पद का चुनाव जीतने वाली शम्मा ने अपने पिता आस मोहम्मद निवासी महू के सहयोग से जन्मतिथि में हेराफेरी की है।
समसुद्दीन ने कहा था कि बाईखेड़ा में सरपंच पद महिला के लिए आरक्षित होने के कारण आस मोहम्मद ने आनन-फानन जन्मतिथि में हेराफेरी कर अपनी लड़की श्मम्मा की शादी बाईखेड़ा गांव में की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस मामले में बाईखेड़ा निवासी मास्टरमाइंड सरकारी स्कूल महू के अध्यापक कासम ने अहम भूमिका अदा की है। इसके अलावा महू सरकारी स्कूल के पूर्व हेडमास्टर लव कुमार की भूमिका संदिग्ध बताई गई थी। एसडीजे एम प्रवीण कुमार की अदालत ने शिकायत पर सुनवाई के बाद 15 अक्तूबर को सरपंच बाईखेड़ा शम्मा, पिता आस मोहम्मद निवासी-महू, महू स्कूल के अध्यापक कासम व स्कूल के पूर्व मुख्य अध्यापक लव कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज करने के आदेश झिरका पुलिस को दिए थे। इस संबंध में शम्मा के पिता आस मोहम्मद निवासी महू ने कहा कि यह मुकदमा बिना आधार दर्ज हुआ है।
दूसरे आरोपी महू स्कूल के पूर्व मुख्य अध्यापक लव कुमार ने बताया कि जन्मतिथि में हेराफेरी अध्यापक कासम ने की थी। मेरा नाम तो मुख्य अध्यापक होने के कारण लिखा गया है। उधर, जांच अधिकारी एएसआई बनवारी लाल ने बताया कि अदालत के आदेश पर सरपंच शम्मा, उसके पिता आस मोहम्मद और अन्य दो अध्यापकों के खिलाफ मंगलवार शाम मुकदमा दर्ज किया गया है।