साहिबाबाद। टीलामोड़ थानाक्षेत्र के भोपुरा में एक फरवरी को हुए सिलिंडर फटने के हादसे में पुलिस ने आठ महीने बाद मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज किया है। जांच में सिलिंडर से भरे ट्रक के चालक अशोक कुमार, ट्रक मालिक नीरज यादव और गैस प्लांट मैनेजर शिव कुमार की लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने 25 अक्तूबर की रात तीनों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया। तीनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 125, 287, 288, 326 (एफ), 326 (जी) और भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 139 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एक फरवरी 2025 की सुबह करीब 4:30 बजे भोपुरा तिराहे पर खड़े सिलिंडर से भरे ट्रक में अचानक आग धधक उठी थी। हादसे में करीब 50 सिलिंडर एक-एक करके फटे। हादसा इतना भीषण था कि धमाकों की आवाज करीब तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। फटे हुए सिलिंडर के टुकड़े 500 मीटर दूर तक पहुंचे। हादसे में आसपास की सात दुकानें और करीब आधा दर्जन गाड़ियां जल गई थीं। आसपास के घरों में पहुंचे सिलिंडरों के टुकड़ों से खिड़कियां और वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए थे।
मामले में तत्कालीन एसीपी शालीमार गार्डन सलोनी अग्रवाल समेत तीन सदस्यों की जांच समिति बनाई गई थी। समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट 23 अक्तूबर को सौंपी। रिपोर्ट में सामने आया कि ट्रक चालक अशोक कुमार ने सिलिंडर से भरी गाड़ी हाइटेंशन लाइन के नीचे खड़ी की और अपने घर चला गया। ट्रक मालिक पर प्रशिक्षित व अनुभवी हेल्पर नियुक्त न करने का आरोप है। इसके अलावा गैस प्लांट के मैनेजर शिव कुमार की भी लापरवाही सामने आई है।
पुलिस जांच में पता चला कि गैस प्लांट से निकलने वाले प्रत्येक वाहन में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगा होता है। इसे प्लांट मैनेजर ट्रेस करता है। हादसे की सुबह प्लांट मैनेजर ने जीपीएस की निगरानी नहीं की। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मजिस्ट्रेट जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर तुलसी निकेतन चौकी प्रभारी दरोगा अभिषेक कुमार ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।