किसी भी नए एयरपोर्ट के संचालन से पहले अनिवार्य होती है कैलिब्रेशन फ्लाइट टेस्टिंग
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7 नवंबर को डीजीसीए दे सकता है एयरोड्रम लाइसेंस
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर तब दर्ज हुआ जब शुक्रवार को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की कैलिब्रेशन फ्लाइट ने सफलतापूर्वक एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। यह उड़ान एयरपोर्ट के नेविगेशन और कम्युनिकेशन सिस्टम की सटीकता जांचने के लिए की जाती है जो किसी भी नए एयरपोर्ट के संचालन से पहले अनिवार्य होती है। पहले दिन रनवे 10 (पूर्वी छोर) से परीक्षण किया गया। अगले सप्ताह (पश्चिमी छोर) से भी टेस्ट होना है। नेविगेशनल उपकरणों की जांच पूरी होने के बाद माना जा रहा है कि 7 नवंबर तक डीजीसीए एयरोड्रम का लाइसेंस प्रदान कर देगा।
अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 11:20 बजे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के विशेष विमान ने रनवे-10 (पूर्वी छोर) पर लैंडिंग की। इस दौरान एयरपोर्ट के रनवे 10 के लोकलाइजर और ग्लाइड पथ प्रणालियों को जांचा गया। लैंडिग के दौरान प्रेसिजन अप्रोच पाथ इंडिकेटर (पीएपीआई-पापी) का परीक्षण सफल रहा। इसके अलावा एयरपोर्ट पर दोनों वीएचएफ-ओमिनी डायरेक्शनल रेंज (वीओआर या एक तरह का गाइड पथ) की भी जांच सफल रही। शाम तक विमान से उपकरणों की जांच चलती रही। इस दौरान यमुना प्राधिकरण के अधिकारी, एनआईए के अधिकारी व विधायक धीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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अगले सप्ताह रनवे-28 से टेस्ट
मौसम साफ रहा तो कैलिब्रेशन फ्लाइट टेस्ट का दूसरा चरण अगले सप्ताह होगा। इस दौरान रनवे-28 (पश्चिमी छोर) पर इसी तरह से नेविगेशन और ग्लाइड पथ प्रणालियों की जांच की जाएगी। दूसरी कैलिब्रेशन फ्लाइट टेस्ट में नेविगेशन उपकरणों का संचालन ठीक पाए जाने पर एयरपोर्ट के लाइसेंस के लिए व्यापक रिपोर्ट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद लाइसेंस मिलने की संभावना है।
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क्या है कैलिब्रेशन फ्लाइट
कैलिब्रेशन फ्लाइट एक विशेष परीक्षण उड़ान होती है जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि एयरपोर्ट के इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम, रडार और एयर नेविगेशन उपकरण अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप काम कर रहे हैं। टेस्ट के लिए विशेष रूप से उपकरणों से लैस विमान का उपयोग किया जाता है। यह एक निर्धारित पैटर्न में लैंडिंग और टेक ऑफ करते हैं।
परीक्षण की प्रक्रिया
फ्लाइट के दौरान विशेष रूप से सुसज्जित विमान अलग-अलग ऊंचाइयों और कोणों पर उड़ते हुए ग्राउंड सिस्टम से प्राप्त सिग्नल की ताकत, स्थिरता और सटीकता की जांच करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में फ्लाइट इंस्पेक्टर, टेक्निकल इंजीनियर और एटीसी विशेषज्ञ शामिल रहते हैं।
तकनीकी उपकरण और डेटा विश्लेषण
कैलिब्रेशन विमान में अत्याधुनिक माप उपकरण लगे होते हैं। उड़ान से प्राप्त डेटा का बाद में विश्लेषण किया जाता है ताकि किसी भी तकनीकी विचलन को तुरंत ठीक किया जा सके और उपकरणों की सटीकता सुनिश्चित हो।
सुरक्षा और विश्वसनीयता की गारंटी
कैलिब्रेशन फ्लाइट का पूरा होना यह दर्शाता है कि एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर की विमानन सुरक्षा मानकों के और करीब पहुंच गया है। इसके बाद एयरपोर्ट के लिए ऑपरेशनल क्लियरेंस की प्रक्रिया को गति मिलेगी।