चिल्ला एलिवेटेड रोड की संशोधित योजना यूपी कैबिनेट से मंजूरी
अब फंड दे पाएगा यूपी शासन, नोएडा प्राधिकरण और पीडब्ल्यूडी को 50-50 प्रतिशत देनी है धनराशि
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-14ए चिल्ला रेगुलेटर से महामाया फ्लाईओवर तक 5.96 किमी लंबे निर्माणाधीन चिल्ला एलिवेटेड रोड की संशोधित योजना (रिवाइज्ड प्लान) की मंजूरी यूपी कैबिनेट से मिल गई। अब इसके फंडिंग की बाधा दूर हो गई। प्रदेश शासन के अधीन पीडब्ल्यूडी और नोएडा प्राधिकरण के सहयोग से निर्माण होगा।
समझौते के मुताबिक प्राधिकरण और शासन को इस परियोजना के लिए 50-50 प्रतिशत धनराशि देनी है। मामला तब फंस गया जब परियोजना को यूपी कैबिनेट से सैद्धांतिक स्वीकृति नहीं ली गई। ऐसे में पीडब्ल्यूडी ने हाथ खड़े कर दिए और कार्यदायी संस्था सेतु निर्माण निगम ने काम करने से इन्कार कर दिया।
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787 करोड़ का बजट भी मंजूर
परियोजना के 787 करोड़ के बजट की भी मंजूरी मिल गई। इसमें यूपी शासन की ओर से 393.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह रकम भारत सरकार की स्कीम फाॅर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इंवेस्टमेंट-2023-24 के तहत मिलेगा। इससे पहले परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति नहीं मिलने से काम बंद हो गया था। प्राधिकरण ने पहले चरण में 74 करोड़ की राशि से काम शुरू कराया, लेकिन बाद में शासन की ओर से फंड नहीं देने के बाद काम बंद करा दिया गया। तब से यह परियोजना फंसी हुई है।
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शासनादेश से चलेगा शर्तों का पता
यूपी शासन की ओर से इस मामले में शासनादेश जारी किया जाएगा। इसमें उन शर्तों का पता चलेगा, जिनके आधार आगे की कार्रवाई होनी है। यह भी पता चलेगा कि अमुक परियोजना का दोबारा टेंडर होना है या सेतु निगम के माध्यम से ही काम कराया जाना प्रस्तावित होगा।
दोबारा टेंडर होने पर दो-तीन माह लगेंगे काम शुरू होने में
प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों का कहना है कि अगर दोबारा टेंडर जारी कराना पड़ता है तो इसका काम शुरू होने में दो से तीन माह लगेंगे। अगर टेंडर नहीं कराना पड़ता है 15-20 दिनों में शासनादेश के माध्यम से दिए गए निर्देशों पर प्राधिकरण काम शुरू करा देगा।
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चिल्ला एलिवेटेड रोड परियोजना के रिवाइज्ड प्लान को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। शासनादेश आते ही निर्देशों का पालन किया जाएगा और जल्द से जल्द काम शुरू कराने की कोशिश होगी। - रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण