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Noida News: एपीजे स्कूल के पूल में तैराकी करते समय सीए की मौत

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संशोधित : सेक्टर-44 किया गया है।
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एपीजे स्कूल के स्वीमिंग पूल में डूबा सीए, मौत
- सुबह 6:30 मिनट पर हुआ हादसा, पूल में साथ तैर रहे लोगों ने पानी में अचेत पड़ा देखकर मचाया शोर
- पूल प्रबंधन पर उठ रहे गंभीर सवाल, संचालन करने वाली कंपनी के मुंबई दफ्तर से मांगा सीसीटीवी फुटेज

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। सेक्टर-16ए स्थित एपीजे स्कूल के स्वीमिंग पूल में डूबने से चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) की मौत हो गई। बृहस्पतिवार सुबह सीए के साथ ही पूल में तैर रहे लोगों ने पानी में अचेत पड़ा देखकर शोर मचाया। सीए को निकालकर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सेक्टर-20 थाना पुलिस की फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की है। उनके साथ तैर रहे लोगों और पूल कर्मियों से पूछताछ की गई है। वहीं हादसे के बाद स्वीमिंग पूल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मूलरूप से छपरा निवासी निशांत कुमार (33) नोएडा के सेक्टर-44 स्थित डिफेन्स एवेन्यू में रहते थे। वह दिल्ली की बिल्डर कंपनी में चार्टेड अकाउंटेंट थे। बृहस्पतिवार सुबह करीब 6:30 बजे सेक्टर 16ए स्थित एपीजे स्कूल के स्वीमिंग पूल में तैराकी करने गए थे। बताया जा रहा है कि उस वक्त पूल में 15 लोग तैर रहे थे। इसी बीच निशांत पूल के गहराई वाले क्षेत्र में चले गए। कुछ देर बाद तैर रहे लोगों ने निशांत को पानी में अचेत पड़ा देख शोर मचाया। पूल प्रबंधक निशांत को बाहर निकालकर सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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घटना के बाद पुलिस ने निशांत का फोन और पर्स बरामद कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने पूल का संचालन करने वाली कंपनी ने घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज मांगा है। मुंबई स्थित कंपनी मुख्यालय से जल्द ही फुटेज उपलब्ध कराने की बात कही गई है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि युवक की मौत पूल में डूबने से हुई है। परिजनों की ओर से अभी कोई शिकायत नहीं की गई है।

प्रशिक्षण ले रहे थे सीए, गहराई पर जाने पर नहीं था कोई पास
निशांत का भाई चंडीगढ़ में रहता है जबकि कुछ रिश्तेदार दिल्ली में भी रहते हैं। वह कुछ वर्षों से नोएडा में अकेले किराये पर रहते थे। पुलिस के मुताबिक निशांत एपीजे स्कूल के स्वीमिंग पूल में अक्सर तैरने के लिए जाते थे। यहां कोच से तैराकी का प्रशिक्षण ले रहे थे। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि गहरे पानी की ओर जाने पर कोच ने क्यों नहीं टोका। हादसे के वक्त कोच कहां था।



एनओसी की जांच करेगा क्रीड़ा विभाग
उपजिला क्रीड़ा अधिकारी अनीता नागर ने बताया कि बिना एनओसी के स्वीमिंग पूल के संचालन की शिकायत नहीं मिली है। हालांकि टीम का गठन करके नियमों के विरुद्ध स्वीमिंग पूल का संचालन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में भी पूल संचालक के एनओसी की जांच की जाएगी।


निजी स्वीमिंग पूल कंपनी की ली थी सदस्यता
निशांत ने स्वीमिंग पूल की सुविधा देने वाली निजी कंपनी की सदस्यता ली थी। कंपनी शहर में 12 से अधिक स्थानों पर स्विमिंग पूल संचालित करती है। साथ ही प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराती है। स्कूल में बना स्विमिंग पूल भी इसी कंपनी से जुड़ा हुआ है। पूल सुबह पांच बजे से खुल जाता है। निशांत कंपनी के स्वीमिंग पूल में अपनी सुविधा के अनुसार जाते थे।
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सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
एसीपी एसीपी प्रथम रजनीश वर्मा ने बताया कि घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज का एक्सेस मुंबई स्थित कंपनी के मुख्यालय के पास है। वहां तैनात अधिकारियों से बात हो गई है। जल्द ही सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध करा दिया जाएगा। वीडियो फुटेज की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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