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Noida News: दो हजार रुपये देकर भतीजे पर बनाया था धर्मांतरण का दबाव

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-ईसाई धर्म में धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का मामला
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-36 के ऐच्छर गांव निवासी चंद्रकिरण ने अपने भतीजे को धार्मिक पुस्तकें और दो हजार रुपये नकद देकर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया था। बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने मामले में ऐच्छर गांव निवासी भतीजे मनीष कुमार की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की है।
भतीजे का आरोप है कि उसके चाचा चंद्रकिरण और उनका परिवार करीब सात वर्ष पहले ही ईसाई धर्म में धर्मांतरण कर चुका है। तभी से वह अन्य लोगों को भी धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। चाचा नियमित रूप से अपने घर में ईसा मसीह की प्रार्थना करते थे और परिवार पर भी मतांतरण का दबाव बनाते थे। 8 फरवरी को दोपहर करीब एक बजे चाचा चंद्रकिरण और सुरेश कुमार उसके घर पहुंचे थे। दोनों ने जबरन ईसाई धर्म से संबंधित दो पुस्तकें और दो हजार रुपये उसे दिए और कहा कि यदि वह और उसका परिवार ईसाई धर्म अपना ले तो वे मालामाल हो जाएंगे और जीवन की सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। भतीजे ने पुलिस को धार्मिक किताब भी सौंपी है। गौरतलब है कि सेक्टर-36 स्थित बी-224 मकान में एक ईसाई दंपती के यहां धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियां के आरोप में रविवार को पुलिस ने बांसवाड़ा राजस्थान निवासी चंद किरण और सुरेश को गिरफ्तार किया था। मौके पर सुरेश की पत्नी, चंद्रकिरण की पत्नी और उसकी साली के साथ एक बिहार निवासी महिला भी मौजूद थी। कार्रवाई के दौरान चारों महिलाएं मौके से भाग गईं थीं। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है मामले की जांच की जा रही है।
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बिहार निवासी महिला की भूमिका संदिग्ध
गिरोह के सदस्यों ने अलग-अलग क्षेत्र बांट रखे थे। चंद्रकिरण, उसकी पत्नी और साली ऐच्छर गांव और आसपास के गरीब परिवारों से संपर्क कर धर्मांतरण के लिए उकसाते थे। वहीं सुरेश कुमार और उसकी पत्नी सिग्मा-2 क्षेत्र में सक्रिय थे। जबकि बिहार निवासी महिला बिरौंडी इलाके में रहकर गतिविधियां संचालित कर रही थीं। गिरोह के सदस्य बिहार, राजस्थान और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों से आकर झुग्गी-झोपड़ियों, गांवों और किराए पर रहने वाले गरीब परिवारों को निशाना बनाते थे। कासना क्षेत्र में भी एक स्थान पर ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थना सभा आयोजित होने की जानकारी मिली है।
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इंटेलिजेंस यूनिट जुटा रही जानकारी
गिरोह के मणिपुर से संचालित होने की भी आशंका है। गिरोह द्वारा लोगों को सुख-समृद्धि, गरीबी दूर करने व रोग मुक्ति जैसे लुभावनी बात की जाती थी। बच्चों को ट्यूशन की कोचिंग के बहाने बुलाया जाता था। पुलिस ने घटनास्थल से छह कार्टन धार्मिक पुस्तकें बरामद की हैं। आरोप है कि कुछ विशेष अनुष्ठानों के दौरान महिलाओं को टब में जबरन उल्टी कराई जाती थी। इसे पवित्र प्रक्रिया का नाम दिया जाता था। दावा किया जाता था कि इससे शरीर के भीतर की सारी बुराई और पाप बाहर निकल जाते थे। इस कृत्य को धर्म अपनाने के लिए जरूरी सीढ़ी बताया जाता था। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) जिले में धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर होने वाली प्रार्थना सभी का जानकारी जुटाई जा रही है।
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