पांच दिवसीय आईएचजीएफ दिल्ली मेला–ऑटम 2 का हुआ समापन, वैश्विक खरीदारों ने बढ़ाया व्यापार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित 60वें आईएचजीएफ दिल्ली मेले का शुक्रवार को समापन हो गया। पांच दिवसीय मेले ने 112 देशों से लगभग 6,736 क्रेताओं, क्रय प्रतिनिधियों और घरेलू खरीदारों को आकर्षित किया। इसमें करीब 3 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि प्रदर्शकों और आयोजकों के सामूहिक प्रयास ने मेले की मानक ऊंचाई को और बढ़ाया है। वैश्विक खरीदारों की भागीदारी ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख सोर्सिंग इवेंट के रूप में स्थापित किया है। ईपीसीएच के महानिदेशक और आईईएमएल अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा प्रदर्शक अब वैश्विक बाजारों के अनुभव और खरीदारों की अपेक्षाओं को समझकर अपने उत्पाद और प्रस्तुतियों में नवाचार ला रहे हैं। इस वर्ष नए उत्पाद नवाचार और अनूठे प्रदर्शन ने व्यापार में वृद्धि को स्पष्ट किया है।
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने बताया कि खरीदारों ने विशेष रूप से इको-फ्रेंडली और कंप्लायंट उत्पादों में रुचि दिखाई। यूरोपीय खरीदारों ने फर्नीचर, गृह सज्जा, उपहार वस्तुएं, बैग, क्रिसमस सजावट और गृह उपयोगी वस्तुओं को प्राथमिकता दी। जूट, हेंप, नदी किनारे की घास, बांस और बेंत से बने हस्तशिल्प उत्पादों को भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। वस्त्र खरीदारों ने रसोई और गृह लिनन की विविधता की सराहना की, वहीं फैशन एक्सेसरी जैसे शॉल और स्टोल ने भी ध्यान आकर्षित किया।
मुख्य संयोजक अवधेश अग्रवाल ने बताया कि पांच दिन के दौरान भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के केंद्रीय व राज्य मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और सांसदों ने मेले की गरिमा को बढ़ाया। आईएचजीएफ दिल्ली मेला–ऑटम-2025 के अध्यक्ष रजत अस्थाना ने कहा कि मेला न केवल व्यापार का अवसर बल्कि सीख और प्रेरणा का भी माध्यम बना है अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने भी मेले की खूब सराहना की। यूके की खरीदार ने लंदन के अपने स्टोर के लिए लाइटिंग से प्रभावित हुएं। ग्वाटेमाला, ऑस्ट्रेलिया और स्पेन से आए खरीदारों ने भी भारतीय हस्तशिल्प की गुणवत्ता और विविधता की प्रशंसा की। उपाध्यक्ष सिमरनदीप सिंह कोहली ने पैनल चर्चा और संगोष्ठियों का उल्लेख किया। इनमें डिजिटलीकरण, वैश्विक बाजार में नवाचार और स्थिरता जैसे विषयों पर चर्चा हुई। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर. के. वर्मा ने बताया कि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड्स, जापान, सिंगापुर सहित दुनिया के प्रमुख देशों के खरीदारों ने भारतीय उत्पादों में निवेश किया।