ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने फर्जी पहचान पत्र व दस्तावेज पर कंपनियों में नौकरी दिलाकर चोरी कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने सीएमएसीजीएम लॉजिस्टिक पार्क के कंटेनर डिपो में सुरक्षाकर्मी और माली के पद पर दो आरोपियों को नौकरी दिलाकर सैमसंग कंपनी के बड़ी संख्या में मोबाइल डिस्प्ले चोरी किए थे। गिरोह के दो मुख्यारोपी फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी के बाद अन्य कंपनियों व आरोपियों को फर्जी दस्तावेज पर नौकरी दिलाने और चोरी की घटनाओं का खुलासा होगा।
आरोपियों के कब्जेे से पुलिस ने 90 हजार रुपये व दो आधार कार्ड की फोटोकॉपी, एक फर्जी आधार कार्ड, एक मोबाइल व एक कार बरामद की है। सूरजपुर कोतवाली प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि गत माह कंटेनर डिपो से सैमसंग कंपनी के मोबाइल डिस्प्ले चोरी की घटना हुई थी। जांच में कंपनी में तैनात सिक्योरिटी गार्ड सतेंद्र सीसीटीवी में कैद हुआ था। इसके चलते कंपनी के अधिकारी ने सतेंद्र व एक अन्य सुरक्षाकर्मी को नामजद कराया था, लेकिन जांच में पता चला कि घटना के दौरान दूसरा सुरक्षाकर्मी सो रहा था।
सतेंद्र ने कंपनी में तैनात माली रविंद्र की मदद से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। सतेंद्र को दो दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब सोमवार रात मोजर वेयर गोलचक्कर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान छिजारसी गौतमबुद्ध नगर निवासी रविंद्र माली और गाजियाबाद के विजय नगर निवासी प्रिंसपाल के रूप में हुई। रविंद्र ने पूछताछ में बताया कि गिरोह के मुख्यारोपी विकास व एक अन्य ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर नौकरी दिलाई थी। आरोपियों के इशारे पर ही उन्होंने चोरी की। आरोपियों ने इसी तरह कुछ और लोगों को अन्य कंपनियों में नौकरी दिलाई है। इसके चलते पुलिस अब उनकी तलाश में जुटी र्है। ा