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Noida News: 14 करोड़ से बना बस स्टेशन, बसें व यात्री दोनों नदारद

Sun, 26 Oct 2025 12:58 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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बाराबंकी। नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विकसित भारत का संकल्प जिम्मेदारों को रास नहीं आ रहा है। जिले में परिवहन सुविधाओं की बदहाली इसकी कहानी खुद बया कर रही है। 14 करोड़ की लागत से बने अंतर जनपदीय बस स्टेशन पर बसें व यात्री दोनों ही नदारद दिखते हैं। यहां लंबी दूरी की बसें रुकती ही नहीं हैं। निराश होकर यात्रियों को भी बस स्टेशन की जगह हाईवे किनारे से बसों को पकड़ना पड़ता है।
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जिले में बदहाल परिवहन सेवाओं के चलते कहीं किराए के मकान में बस स्टेशन चल रहा है तो कहीं बस स्टेशन पर निजी वाहनों का कब्जा दिखता है। यह हालात तब हैं जब अयोध्या जाने वाले श्रद्धालु यहीं से होकर गुजरते हैं। शहर में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से बने अंतर जनपदीय बस स्टेशन का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा देना था। लेकिन वर्कशॉप अधूरा रहने के कारण यहां सिर्फ संचालन का कोरम ही पूरा किया जा रहा है।
जुलाई 2019 में बस स्टेशन को जल्दबाजी में शुरू तो कर दिया गया, मगर आज तक वर्कशॉप का काम अधूरा पड़ा है। कार्यशाला परिसर में झाड़ियां उग चुकी हैं। लखनऊ-अयोध्या मार्ग से गुजरने वाली ज्यादातर बसें भी यहां ठहराव न लेकर सीधे हाईवे से होकर निकल जाती हैं। जिससे यात्रियों को बस स्टेशन की जगह चौपुला पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में लंबी दूरी की बसों में पहले से सवारियां होने के कारण सीट मिलना तक मुश्किल हो जाता है। एआरएम जमीला खातून का कहना है कि कार्यशाला को क्रियाशील बनाने के लिए मुख्यालय को पूर्व में कई बार पत्र भेजा जा चुका है। कार्यशाला का काम अधूरा होने के कारण अभी इसे हैंडओवर नहीं किया गया है।
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परिवहन मंत्री का आदेश भी दर किनार
यात्रियों की सुविधा के लिए बीते वर्ष परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने लखनऊ से पूर्वांचल की ओर जाने वाली रोडवेज की सभी बसों को असेनी मोड़ से शहर में प्रवेश करने और पुराने बस स्टेशन पर आगमन-प्रस्थान काउंटर पर समय दर्ज कराने का निर्देश दिया था। इसी तरह पूर्वांचल से लखनऊ की ओर जाने वाली बसों को भी दोनों स्थानों पर इंट्री करानी थी। लेकिन परिवहन मंत्री का आदेश सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया है। इससे यात्रियों को परेशानी उठाना पड़ रही है।
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