बीते दो वर्षों में हर महीने पास बनवाने वालों की संख्या केवल 200 से 250 के बीच ही रही
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो में प्रमुख रूटों पर बस न होने और निजी बसों का किराया सस्ता होने की वजह से रोडवेज बसों में रोजाना यात्रा करने वालों को मिलने वाले पास की सुविधा का लाभ यात्री नहीं ले रहे। बीते दो वर्षों में हर महीने पास बनवाने वालों की संख्या केवल 200 से 250 के बीच ही रही है। जबकि रोजाना हजारों लोग सफर करते हैं। बसें कम होने के कारण समय पर नहीं मिलतीं। इस वजह से यात्री निजी बसों में सफर करना ज्यादा बेहतर समझते हैं। यही हाल यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भी है।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में दूर-दराज से बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ने आते हैं। इसके बावजूद वे रोडवेज के मासिक पास का ज्यादा उपयोग नहीं करते। इस पास पर छात्रों को किराए में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलती है। मासिक पास बनवाने के लिए छात्रों को अपने कॉलेज से सत्यापन कराना होता है। इसके बाद रोडवेज उन्हें पास जारी करता है। योजना के तहत संबंधित रूट के 30 दिन के एकतरफा किराये का भुगतान करना होता है, जबकि यात्री 60 ट्रिप तक आने-जाने की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
वहीं, दैनिक यात्रियों से 36 दिन का किराया लिया जाता है, जिसके बदले उन्हें भी 60 ट्रिप की सुविधा मिलती है। ग्रेटर नोएडा डिपो से हर महीने करीब 250 मासिक पास जारी किए जाते हैं। इनमें सबसे अधिक पास ग्रेटर नोएडा से नोएडा रूट के लिए जारी होते हैं। इसके अलावा बुलंदशहर, सिकंदराबाद और अलीगढ़ समेत अन्य स्थानों के लिए भी पास बनवाने के लिए आवेदन आते हैं।
कई क्षेत्रों से नहीं है बस सेवा
जिले के दादरी, जेवर और जहांगीरपुर जैसे कई क्षेत्रों के लिए रोडवेज की बस सेवा ही उपलब्ध नहीं है। इससे वहां के यात्रियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता। दादरी से ग्रेटर नोएडा और नोएडा के बीच चलने वाली निजी बसें कम किराए में सफर कराती हैं। जहां रोडवेज का किराया 20 से 25 रुपये है, वहीं निजी बसें 10 से 15 रुपये में यात्रियों को ले जाती हैं। कम किराए के कारण छात्र और दैनिक यात्री निजी बसों को प्राथमिकता देते हैं।
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समय-समय पर यात्रियों और छात्रों को मासिक पास बनवाने के फायदों के बारे में जागरूक किया जाता है, लेकिन फिर भी अपेक्षित संख्या में लोग इसका लाभ नहीं उठा रहे हैं।
-राजेश वर्मा, एआरएम ग्रेनो डिपो