पटाखाें से जले मरीजों को इलाज देने के लिए बना बर्न वार्ड
- जिला संयुक्त अस्पताल में छठे तल पर बनाया गया 10 बेड का वार्ड, गंभीर रूप से घायल मरीजों को दिल्ली करेंगे रेफर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दिवाली पर पटाखों से जले मरीजों को इलाज देने के लिए जिला संयुक्त अस्पताल में 10 बेड का बर्न वार्ड बनाया गया है। शुक्रवार को इसे शुरू कर दिया गया। इसके अलावा गर्भवती और सड़क दुर्घटनाओं के मामले में भी इमरजेंसी सेवाओं को जिला अस्पताल में सुचारू रखा जाएगा। सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल का कहना है कि दिवाली पर पटाखों की वजह से जलने और घायल होने के कई मामले सामने आते हैं। घायल मरीजों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराने के लिए बर्न वार्ड बनाया गया। वार्ड डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक दुबे की निगरानी में काम करेगा। 24 घंटे इस बर्न वार्ड को चालू रखा गया है। इसमें प्रशिक्षित स्टाफ की भी तैनाती रहेगी। जिन गंभीर मरीजों को विशेष देखभाल की जरूरत है। उनको बर्न यूनिट की सुविधा वाले नई दिल्ली के सफदरजंग और डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया जाएगा। इसके लिए नि:शुल्क एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी।
108 पर कॉल कर मांगें मदद
पटाखों की वजह से घायल होने पर तुरंत 108 पर कॉल कर एंबुलेंस सेवा की मांग करें। 108 सीधे जिला अस्पताल के इमजरेंसी में मरीज को भर्ती कराएगी।
प्रसूताओं को भी मिलेगा इलाज
जिला अस्पताल में इमरजेंसी सेवा में प्रसूताओं को इलाज सुचारू रखा गया है। इसके लिए ड्यूटी पर स्त्री रोग विशेषज्ञ रहेंगीं। जरूरत होने पर मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जाएगा।
जिम्स में भी बेड आरक्षित
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। आतिशबाजी से होने वाले हादसों के लिए राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) की इमरजेंसी व अस्पताल में इंतजाम किए गए हैं। बर्न केस और श्वास के मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ का अवकाश पर भी रोक लगा दी गई है। निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि त्योहार पर बर्न केस, सड़क दुर्घटना, फूड प्वाइजनिंग के केसों की संभावना अधिक हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मरीजों के इलाज के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं।