सहारा सिटी में अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर
छपरौला में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने चार घंटे में 1.20 लाख वर्गमीटर जमीन से हटाया अतिक्रमण
निर्माण को किया जाएगा सील, कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ दर्ज होगा केस
500 से अधिक लोग खरीद चुके मकान, रजिस्ट्री के बाद जागा प्रशासन-प्राधिकरण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा/दादरी। ग्रेनो प्राधिकरण ने शनिवार को बादलपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित सहारा सिटी की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाकर करीब 1.20 लाख वर्गमीटर जमीन को मुक्त कराया। खरीदारों और कॉलोनाइजरों ने इसका विरोध किया, लेकिन पुलिस ने उनको उग्र नहीं होने दिया। प्राधिकरण ने जमीन पर बन चुके मकानों को जल्द सील करने की चेतावनी दी है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया था।
छपरौला के पास सहारा सिटी और समतल फैक्ट्री की 736 बीघा जमीन पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी। कॉलोनाइजर छोटे-छोटे प्लॉट काटकर लोगों को बेच रहे थे। दादरी विधायक तेजपाल नागर ने कार्रवाई के लिए प्राधिकरण के सीईओ को पत्र लिखा था। वहीं, खतौली विधायक मदन भैया ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इसके बाद प्राधिकरण ने कार्रवाई शुरू की।
प्राधिकरण ने कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया था। कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार को पुलिस, प्राधिकरण और प्रशासन के 150 से अधिक लोगों की टीम अवैध निर्माण हटाने पहुंची। करीब चार घंटे तक प्राधिकरण ने 12 जेसीबी के साथ अवैध निर्माण हटाया।
अफसरों ने बताया कि 1.20 लाख वर्गमीटर जमीन से कब्जा हटाया गया है। सुबह 11 बजे से तीन बजे तक कार्रवाई चली। प्राधिकरण की ओएसडी हिमांशु वर्मा ने बताया कि जमीन प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आती है। अवैध निर्माण करने वाले कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। चेतावनी दी है कि अधिसूचित एरिया में जमीन पर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अगर कहीं पर अवैध निर्माण हो चुके हैं, तो उनको भी सील किया जाएगा। वहीं, सीईओ एनजी रवि कुमार ने परियोजना विभाग के सभी वर्क सर्किल प्रभारियों को निर्देश दिया है कि अधिसूचित क्षेत्र में कहीं भी अतिक्रमण हो रहा हो तो उसको अभियान चलाकर तोड़ा जाए। लोगों से कॉलोनाइजरों के चंगुल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई नहीं लगाने की अपील की है।
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500 से अधिक लोगों के फंसने के बाद जागा प्राधिकरण
सहारा सिटी की जमीन पर अवैध कॉलोनी काटने का काम लंबे समय से चल रहा था। इसकी शिकायत भी हुई, लेकिन प्रशासन और प्राधिकरण ने संज्ञान नहीं लिया। जिसका खामियाजा जमीन पर प्लॉट लेने वाले लोगों को भुगतना पड़ेगा। यहां 500 से अधिक लोग प्लॉट खरीद चुके है। उसकी रजिस्ट्री के साथ-साथ दाखिल खारिज भी हो चुका है, लेकिन तब प्राधिकरण और प्रशासन ने कॉलोनाइजरों को नहीं रोका, अब सैकड़ों लोग फंस चुके हैं।
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नाम का खुलासा नहीं करता प्राधिकरण
प्राधिकरण अवैध निर्माण पर कार्रवाई कर रहा है। कार्रवाई के बाद अवैध निर्माण के खिलाफ संबंधित कोतवाली में शिकायत दी जा रही है, लेकिन उनमें माफिया के नाम नहीं खोले जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि प्राधिकरण भूमाफिया के नाम का खुलासा नहीं कर रहा है, जबकि अधिकारियों को अवैध निर्माण करने वाले माफिया के नामों की जानकारी होती है।