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बिल्डरों की सम्पत्ति की होगी ई-निलामी, शासन की मंजूरी का इंतजार

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बिल्डरों की संपत्ति की होगी ई-नीलामी, शासन की मंजूरी का इंतजार
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ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन कुर्क संपत्ति की नीलामी ऑनलाइन करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए ई-नीलामी का प्रस्ताव शासन को भेज भी दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बिल्डरों की संपत्ति की ई-नीलामी होगी। ताकि, रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) की वसूली कर खरीदारों का पैसा लौटाया जा सके। अभी सामान्य व्यवस्था में आवेदकों के शामिल नहीं होने के कारण नीलामी असफल साबित हो रही है।
उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) आदेश का पालन नहीं करने पर बिल्डर के खिलाफ की आरसी जारी कर रहा है और वसूली जिला प्रशासन करता है। लेकिन, कई मामलों में बिल्डरों से वसूली नहीं हो पा रही है। पैसा नहीं देने पर प्रशासन की टीम बिल्डरों की संपत्ति कुर्क कर रहा है। कुर्क संपत्ति की नीलाम करने का प्रयास किया गया, लेकिन सफल नहीं हो सकी। अफसरों ने बताया कि ज्यादातर मामलों में नीलामी में भाग लेने कोई नहीं पहुंचा। एक-दो बार केवल कुछ ही लोग पहुंचे। इस कारण नीलामी को रद्द करना पड़ा। सामान्य प्रक्रिया के तहत बिल्डर की जमीन को बेचना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में ई-नीलामी का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसमें देश के किसी भी कोने में बैठकर शामिल हो सकते है। ई-नीलामी से संपत्ति को बेचकर आरसी की वसूली हो सकेगी। शासन से मंजूरी मिलने के बाद प्रशासन ई-नीलामी शुरू करेगा। संपत्ति की कीमत सरकारी दर, बाजार दर और लोकेशन आदि को ध्यान में रखकर तय की जाएगी।
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20 से अधिक बिल्डरों की संपत्ति होगी नीलाम
जिला प्रशासन के पास यूपी रेरा समेत अन्य कई जगह से आरसी आती हैं। इन पर वसूली कर पैसा लौटाया जाता है, लेकिन बिल्डरों के साथ वसूली में दिक्कत आ रही है। पैसा नहीं होने के कारण बिल्डर से वसूली नहीं हो पाती। ऐसे में जिला प्रशासन बिल्डरों की संपत्ति को कुर्क करता है। ताकि नीलामी की जा सके। इस समय दादरी और सदर तहसील में 20 से अधिक बिल्डरों की संपत्ति की नीलामी की जानी है।
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खरीदार लगा रहे है कलेक्ट्रेट के चक्कर
यूपी रेरा से आरसी जारी होने के बाद खरीदार जिला प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं। रोजाना कलेक्ट्रेट पर खरीदार अफसरों से आरसी पर वसूली की जानकारी ले रहे हैं। वसूली नहीं होने पर अफसरों पर मिलीभगत का आरोप लगाकर शिकायत भी करते हैं। खरीदारों की शिकायत से अफसर परेशान हैं।
ई-नीलामी का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद कुर्क संपत्ति को बेचकर वसूली होगी। अभी नीलामी की सामान्य प्रक्रिया लोग शामिल नहीं होते।
- एमएन उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
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