5100 नहीं 4125 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से जमीन खरीदेगा बीडीए
- प्रशासन ने तय किया मुआवजा, प्राधिकरण ने खसरा नंबरों की सूची जारी कर मांगी आपत्तियां
- ग्रेटर नोएडा के कैमराला-चक्रसेनपुर और घोड़ी बछेड़ा गांव में खरीदनी है 78.061 हेक्टेयर जमीन
नवीन कुमार
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के दो गांवों में बनाई जा रही बुलंदशहर विकास प्राधिकरण (बीडीए) की टाउनशिप की जमीन का मुआवजा गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने तय कर दिया है। दोनों गांवों के निवासियों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बराबर 4,125 रुपये प्रति वर्गमीटर का मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि बीडीए ने 5100 रुपये प्रति वर्गमीटर का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उस पर सहमति नहीं बन सकी। मुआवजा तय होने के बाद प्राधिकरण ने जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दोनों गांवों के खसरा नंबरों की सूची जारी कर आपत्तियां मांगी हैं।
कैमराला-चक्रसेनपुर और घोड़ी बछेड़ा गांव गौतमबुद्ध नगर में हैं। दोनों गांव की कुछ जमीने बीडीए क्षेत्र में आती है। यहां पर बीडीए ने टाउनशिप बनाने का फैसला लिया है। बीडीए आपसी सहमति के आधार पर किसानों से जमीन खरीदने की योजना बना रहा है। बीडीए के प्रस्ताव पर गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने मुआवजा दर तय 4125 रुपये प्रति वर्गमीटर तय किया है। बुलंदशहर विकास प्राधिकरण दर तय होने के बाद घोड़ी बछेड़ा और कैमराला-चक्रसेनपुर गांव के कुल 45 खसरा नंबरों की सूची जारी की है। जिनमें कुल 78.061 हेक्टेयर जमीन हैं। छोड़ी-बछेड़ा के 20 खसरा नंबर की 42.3330 हेक्टेयर और कैमराला-चक्रसेनपुर के 25 खसरा नंबर की 35.7280 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। प्राधिकरण ने खसर नंबरों पर किसानों से आपत्ति मांगी है। जो 15 दिन के अंदर करनी होगी। उसके बाद प्राधिकरण जमीन खरीदना शुरू करेगा।
किसानों के टकराव से बचने को कम की दर
बुलंदशहर प्राधिकरण ने 5100 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से जमीन खरीदने को तैयार था। इस पर किसानों से सहमति भी बन गई थी और प्रस्ताव भी दिया, लेकिन प्रशासन ने टकराव की स्थिति को देखकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बराबर दर तय की है। इसी दर से ग्रेटर नोएडा फेज-दो में भी जमीन खरीदने की तैयारी है।
बुलंदशहर विकास प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा के दो गांव में जमीन खरीदेगा। जिसकी मुआवजा दर तय करने का प्रस्ताव आया था। मुआवजा दर 4125 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की है। जो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बराबर हैं। -
अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)