यूपीपीसीबी की सख्ती पर बिल्डर ने हटाया जनरेटर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की सख्ती के बाद इको विलेज दो सोसाइटी में बिल्डर को जनरेटर हटाना पड़ा। चिमनी नहीं लगी होने के कारण जनरेटर का धुआं लोगों को परेशान कर रहा है। शिकायत पर यूपीपीसीबी ने पहले जनरेटर को चिमनी से जोड़ने और फिर बंद करने का नोटिस भेजा था। जनरेटर हटाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
ग्रेनो वेस्ट की इको विलेज दो सोसायटी के लोगों ने इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम (आईजीआरएस) पोर्टल पर शिकायत की थी। यह शिकायत पंचशील ग्रींस वन सोसाइटी के लोगों ने की थी। आरोप था कि जनरेटर का धुआं फ्लैटों में घुस रहा है जिससे लोग परेशान हैं। प्रदूषण बढ़ रहा है। यूपीपीसीबी ने जांच की। जांच के बाद 30 जुलाई को बिल्डर को नोटिस भेजा। बिल्डर को जनरेटर की चिमनियां एनजीटी के नियमों के तहत लगाने का आदेश दिया था। साथ ही, जवाब मांगा था, लेकिन बिल्डर ने जवाब नहीं दिया गया। बार-बार नोटिस देने के बाद भी बिल्डर ने एनजीटी के नियमों का पालन नहीं किया। आदेश का पालन नहीं करने पर यूपीपीसीबी ने जनरेटर बंदी का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद बिल्डर को जनरेटर बंद करने का आदेश दिया गया। पिछले सप्ताह यूपीपीसीबी की टीम इको विलेज दो सोसाइटी में जनरेटर सील करने पहुंची। वहां बिल्डर प्रबंधन ने लोगों की परेशानी का हवाला देकर कुछ समय मांगा। यूपीपीसीबी ने बिल्डर को 8 अक्तूबर तक का समय दिया है। उसके बाद बिल्डर ने यूपीपीसीबी को पत्र भेजकर तीन माह का समय मांगा, लेकिन यूपीपीसीबी ने ओर समय देने से इंकार दिया और तत्काल जनरेटर को बंद करने को कहा। यूपीपीसीबी की सख्ती के बाद बिल्डर ने जनरेटर को हटा दिया है।
बिल्डर को 8 अक्तूबर तक का समय दिया गया था। इस दौरान जनरेटर हटाना था या फिर चिमनी से जोड़ा था। बिल्डर ने जनरेटर को हटा दिया है। दूसरी जगह जनरेटर लगाने की जगह का भी जायजा लिया जाएगा। - डा. अर्चना द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी, यूपीपीसीबी