16 एवेन्यू में बिल्डर ने बनाया कम क्षमता का एसटीपी, खुले में बह रहा सीवर
- एनजीटी ने कराई संयुक्त समिति से जांच तो हकीकत आई सामने, बिल्डर और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से मांगा दो सप्ताह में जबाव
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ग्रेटर नोएडा की 16 एवेन्यू गौड़ सिटी-2 में खुले नाले में सीवर बहाया जा रहा है। शिकायत पर एनजीटी ने ग्रुप हाउसिंग की जांच कराई तो पता चला कि बिल्डर ने सीवर उत्सर्जन से कम क्षमता का एसटीपी प्रोजेक्ट के निर्माण के समय बनाया था। ऐसे में लोगों की सेहत को खतरे में डालते हुए खुले नाले में सीवर अब बहाया जा रहा है।
चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, सदस्य जस्टिस सुधीर अग्रवाल, डॉ. ए सेंथिल वेल की पीठ ने शिकायत की सुनवाई के बाद 22 जनवरी को एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया था। इस जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट 19 मार्च को एनजीटी को दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बेसमेंट में बना एसटीपी उपयोग में नहीं मिला। 1001 फ्लैट के प्रोजेक्ट में 310 केएलडी क्षमता के एसटीपी की अनुमति यूपीपीसीबी से ली गई है। फेज-2 में इसे 500 केएलडी किए जाने की जानकारी बिल्डर की तरफ से दी गई। ग्रुप हाउसिंग के 13 टॉवर और एक स्कूल के लिए जबकि 885.6 केएलडी क्षमता के एसटीपी की जरूरत है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बिल्डर गौड़ संस ने आवश्यकता के मुताबिक एसटीपी नहीं बनाया है। एओए के साथ हुए ट्रांसफर अनुबंध में भी एसटीपी के कम क्षमता का होने का जिक्र है। एओए की पूर्व की शिकायतों के बाद भी इसे ठीक नहीं किया गया। जांच समिति ने कहा है कि एसटीपी के शोधित पानी को रिसाइकल कर पार्क और दूसरे उपयोग में किया जाना चाहिए था। एनजीटी ने अब बिल्डर को आदेश किया है कि चार सप्ताह में अपना जबाव दें। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यूपीपीसीबी को भी अपना जबाव देने के लिए कहा गया है। एनजीटी इस मामले में अब पांच जुलाई को सुनवाई करेगा।