मध्यम वर्ग को बर्बाद करने वाला बजट : सिसोदिया
बोले- मुख्य फोकस सरकारी संपत्तियों को बेचकर अधिक खर्च करना है
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया का मानना है कि केंद्रीय बजट 2021-22 शिक्षा एवं स्वास्थ्य को दरकिनार करने के साथ गरीबों, मध्यम वर्ग और किसानों को बर्बाद करने वाला है। सिसोदिया के मुताबिक, बजट का मुख्य फोकस आम आदमी को फायदा पहुंचाने के बजाय सरकारी संपत्तियों को बेचकर अधिक खर्च करना है। यहां तक कि सड़क पर संघर्ष कर रहे किसानों की अनदेखी करते हुए कृषि बजट भी कम कर दिया गया है।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्रीय बजट में आश्चर्यजनक रूप से पिछले साल के मुकाबले स्वास्थ्य के खर्च में 10 और शिक्षा के खर्च में 6 फीसदी की कमी की गई है। स्वास्थ्य पर 2021-22 में स्वास्थ्य बजट करीब 8 हजार करोड़ रुपये कम कर दिया गया है। 2020-21 में स्वास्थ्य बजट 82,445 करोड़ था, जिसे 2021-22 में घटाकर 74,602 करोड़ कर दिया गया है। सिसोदिया ने कहा कि वित्तमंत्री की ओर से स्वास्थ्य देखभाल और भलाई के लिए बजट में 137 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा भ्रामक है। स्वास्थ्य व्यय में वृद्धि दिखाने के लिए गैर-स्वास्थ्य योजनाओं जैसे स्वच्छ वायु, जल आपूर्ति कार्यक्रम आदि को शामिल कर दिया गया है। इसी तरह 2020-21 में शिक्षा बजट 99,312 करोड़ के मुकाबले 2021-22 में घटकर 93,224 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
बकौल मनीष सिसोदिया, इतिहास गवाह है कि परिवार हो या देश, आत्मनिर्भर वही बनता है, जो अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा पर खर्च करता है। जबकि इस साल शिक्षा बजट को 6 हजार करोड़ रुपये कम करने से पता चलता है कि भाजपा का आत्म निर्भर भारत बनाने की बात महज एक जुमला है।
सिसोदिया ने कहा कि ऐसे समय में, जब पूरे देश में किसानों का आंदोलन चल रहा है, उस समय कृषि बजट कम कर दिया गया है।