आम बजट में शिक्षा जगत और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने इस बजट में शिक्षा, रोजगार और कौशल प्रशिक्षण, आईटीआई संस्थानों का उन्नयन, शिक्षा ऋण में रियायत और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की बात शामिल की है। आइये जानते हैं, शहर के शिक्षाविदों ने क्या कहा बजट को लेकर...
इस बार के बजट में वित्तमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर उद्यम, स्टार्टअप और निवेश क्षेत्रों को समाहित किया है। इससे देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कदम है। उच्च शिक्षा में युवाओं के लिए बुनियादी ढांचे का विकास, भारतीय भाषाओं में डिजिटल पुस्तको को उपलब्ध कराने की परियोजना शामिल की गई है। साथ ही निजी क्षेत्रों के साथ साझेदारी में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 20 हजार करोड़ रूपये के आवंटन की बात है। इससे शिक्षा के क्षेत्र में शहर के युवाओं को रिसर्च और स्टार्टअप के लिए मौके व नया आयाम प्रदान करेगा। सरकार ने उद्यम विकास के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) पर फोकस किया है। साथ ही सी फूड इंडस्ट्री के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र का निर्माण और रोजगार के लिए नई पहल शहर के युवाओं को नई उड़ान दे सकती है।
डॉ. डब्लू सेल्वामूर्ती, अध्यक्ष, एमिटी साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फांउडेशन
इस बजट से अनुसंधान और नवाचार को गति मिलेगी। उच्च शिक्षा के रिसर्च क्षेत्र में तेजी लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए एक नए उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना करने की बात सही और युवाओं के भविष्य के लिए अच्छी साबित होगी। इसके लिए 500 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। शहरभर में एआई एक तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है आजकल युवा इसे सीखने के लिए कोर्स भी सीख रहे हैं। साथ ही अंतरिक्ष अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए बजट आवंटन में 18 प्रतिशत की वृद्धि से स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता प्रणाली का विस्तार होगा। इसी तरह रक्षा बजट में वृद्धि से डीआरडीओ और आईडीईएक्स योजनाओं के माध्यम से स्वदेशी विकास के लिए अधिक आवंटन होगा, इससे शहर के युवा आत्मनिर्भर बनेंगे।