- सूरजपुर बाजार के व्यापारियों ने बताईं समस्याएं, बोले मूलभूत सुविधाओं को तुरंत बेहतर बनाने की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। वर्षों पुराना सूरजपुर बाजार मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। दुकानों के बाहर और गली से लेकर सड़क तक गंदगी का अंबार लगा है। सड़कें टूटी हुईं हैं। व्यापारी कहते हैं कि बाजार में टूटी सड़क होने के कारण हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। हर 15 से 20 मिनट में यहां जाम लग जाता है।जिससे ग्राहक अन्य बाजारों की ओर रुख कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार को आयोजित संवाद में सूरजपुर बाजार के व्यापारियों ने बताया कि बाजार में बिजली आपूर्ति की स्थिति खराब है। सड़क पर लगी अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। शाम होते ही अंधेरा पसर जाता है। साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं होने की वजह से जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा रहता है। बाजार में सार्वजनिक शौचालय की भी व्यवस्था तक नहीं है। बार-बार शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है।
व्यापारियों ने कहा कि सूरजपुर क्षेत्र का पुराना बाजार है, लेकिन अव्यवस्थाओं की वजह से ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। बाजार से होकर गुजरने वाली सड़कें टूटी हुईं हैं। पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। नालियां जाम रहती हैं। सुरक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है। दुकानदार रात को जल्द ही दुकानों को बंद कर देते हैं। वहीं अंधेरा होने के कारण चोरी होने का डर बना रहता है। महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।
कोट
बाजार से गुजरने वाली दादरी-सूरजपुर-छलेरा रोड बुरी तरह टूट चुकी है। इससे यहां पर दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। -
महेश शर्मा, अध्यक्ष व्यापार मंडल सूरजपुर
नियमित सफाई नहीं होने से जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है। नालियां चोक हैं। प्राधिकरण का स्वास्थ्य विभाग खानापूर्ति कर रहा है।-
होतीलाल शर्मा
बिजली आपूर्ति प्रभावित रहती है। ज्यादातर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। मजबूरी में रात को जल्द ही दुकान बंद करनी पड़ती हैं। - संदीप सिंघल
बाजार में कहीं भी शौचालय की व्यवस्था नहीं है। व्यापारियों और ग्राहकों का काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।- संदीप शर्मा
बाजार में सुरक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है। पुलिस गश्त बढ़ाने की जरूरत है। यहां दुकानों में चोरी होने की आशंका बनी रहती है। - गिरिराज सैनी
बाजार में पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। बारिश होते ही घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर भर जाता है। -
शिवम चौधरी