फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: शहर की टूटी सड़कें और उड़ती धूल बनीं प्रदूषण की बड़ी वजह

विज्ञापन
विज्ञापन
शहर की टूटी सड़कें और उड़ती धूल बनीं प्रदूषण की बड़ी वजहविशेषज्ञों ने कहा, अगर पहले से हो तैयारी तो इतने खराब नहीं होंगे हालात
विज्ञापन

नोएडा | शहर में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर हर साल ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू किया जाता है, लेकिन शहरवासियों का कहना है कि यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। उखड़ी सड़कों से उड़ती धूल और ट्रैफिक का भारी दबाव हवा की गुणवत्ता को लगातार बिगाड़ रहा है।
अक्तूबर से मौसम बदलने लगता है और इसी के साथ वायु प्रदूषण भी तेजी से बढ़ता है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नोएडा प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस पहले से तैयारी कर लें, तो हालात इतने खराब नहीं होंगे।
विज्ञापन

हर समय उड़ती रहती है धूल
सोसाइटी के सामने पिछले तीन साल से सड़क टूटी हुई है। रोजाना यहां से करीब 25 स्कूल बसें गुजरती हैं, जिससे हर समय धूल उड़ती रहती है। यह बच्चों की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है।
श्रेया शर्मा, पंचशील प्रतिष्ठा, सेक्टर 75
सेक्टर-61, 62, 71 से 76 और गाजियाबाद की ओर जाने वाली सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो जाती है, जिससे प्रदूषण और बढ़ता है। अमित गुप्ता, प्रतीक विस्टीरिया, सेक्टर-77
डस्ट फ्री जोन में खोदाई बंद होनी चाहिए। सड़कों और पेड़ों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए तो धूल कम होगी और ऑक्सीजन भी बढ़ेगी। सोमेंद्र यादव, श्री कृष्णा अपार्टमेंट, सेक्टर-117
विज्ञापन

समाधान की जरूरत
शहरवासियों की मांग है कि सड़कों की मरम्मत, अतिक्रमण हटाने और नियमित पानी के छिड़काव जैसे उपायों को प्राथमिकता दी जाए। यदि प्रशासन समय रहते कदम उठाए, तो सर्दियों में प्रदूषण की गंभीरता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें