ग्रेटर नोएडा। जिले में ऑक्सीजन आपूर्ति के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश भी बेअसर साबित हो रहा है। प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारी व सीएमओ को अस्पतालों को 36 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप मुहैया कराने का आदेश दिया गया है, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी जिले में 16 घंटे का बैकअप भी नहीं है। अस्पताल कर्मी सुबह से शाम तक जिला प्रशासन व आईनॉक्स ऑक्सीजन प्लांट का चक्कर काटते हैं। उसके बाद जितने मरीज भर्ती हैं उससे आधे के हिसाब से ही ऑक्सीजन मिलती है। इस 50 फीसदी के सहारे डॉक्टर मरीजों को सौ फीसदी ऑक्सीजन देने की जद्दोजेहद कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने 21 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारी व सीएमओ को ऑक्सीजन की कमी झेल रहे अस्पतालों को कम से कम 36 घंटे का बैकअप देने की व्यवस्था करने के लिए कहा था। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा था कि ऑक्सीजन व्यवस्था न होने की स्थिति में सीधे तौर पर जिलाधिकारी व सीएमओ को जिम्मेदार मानकर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन जिले में मुख्यमंत्री के इस आदेश का पालन नहीं हो रहा है। अस्पताल की स्थिति सुधरने की जगह और खराब होती जा रही है, जिस अस्पताल में 50 से 80 मरीज भर्ती थे, वहां ऑक्सीजन की कमी के कारण अब महज 20 से 25 मरीज रह गए हैं। पुराने मरीज को अस्पताल छुट्टी कर रहे हैं, जबकि नए को भर्ती करने से मना कर रहे हैं। इसके अलावा जो मरीज भर्ती हैं, उन्हें भी ऑक्सीजन की कमी के कारण दूसरे अस्पतालों में जाने के लिए कह रहे हैं।
‘अस्पताल में नहीं हैं वेंटिलेटर, ले जाओ मरीज’
ऑक्सीजन किल्लत के कारण तीन दिन से भर्ती जेवर निवासी बुजुर्ग हरिकिशन को निम्स अस्पताल ने जाने के लिए कह दिया। अस्पताल ने कहा कि परिजन मरीज को किसी अन्य अस्पताल में ले जाएं। इसके बाद परिजन और भारतीय उपभोक्ता संरक्षण समिति मेरठ व सहारनपुर के मंडल उपाध्यक्ष आकाश गुप्ता ने सीएमओ डॉक्टर दीपक ओहरी व जिलाधिकारी को फोन किया। कई बार फोन करने के बाद भी जिलाधिकारी से बात नहीं हो पाई। सीएमओ ने फोन उठाकर कहा, ‘बता दो कि सीएमओ ने कहा है अस्पताल में ही वेंटिलेटर मिल जाएगा।’ इसके बाद सीएमओ भी फोन नहीं उठा रहे हैं। मरीज का ऑक्सीजन स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जिससे परिजन काफी परेशान हैं।
अस्पताल पर मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। ऑक्सीजन के लिए मारामारी की स्थिति है। सुबह से शाम तक चक्कर काटने के बाद 16 घंटे की भी ऑक्सीजन नहीं मिली रही है।
-जेपी सिंह, निदेशक जेआर अस्पताल ग्रेटर नोएडा
आधे से भी कम ऑक्सीजन दे जा रही है। रोज करीब 60 ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत है। इसमें से 30 के करीब ही मिल रहे हैं। ऐसे में मरीजों का उपचार ठीक से नहीं हो पा रहा है।
- सुनील शर्मा, अस्पताल प्रतिनिधि, शर्मा मेडिकेयर, ग्रेटर नोएडा
जिले के सभी कोविड व नॉन कोविड अस्पतालों को ऑक्सीजन का पूरा कोटा दिया जा रहा है। अस्पताल खपत से ज्यादा ऑक्सीजन की मांग कर रहे हैं। न मिलने पर हल्ला मचा रहे हैं, ये गलत है।
- डॉक्टर श्वेता खुराना, नोडल अधिकारी ऑक्सीजन आपूर्ति