- वायु गुणवत्ता सूचकांक डार्क रेड जोन में पहुंचा, ग्रेनो में 418 दर्ज हुआ, नोएडा में 397 रिकॉर्ड हुआ
- सुबह और शाम के समय पीएम बढ़ जाने से हालात बदतर
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा लगातार प्रदूषित होती जा रही है। शनिवार को ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) डार्क रेड जोन में 400 के पार पहुंच गया। 418 एक्यूआई के साथ ग्रेटर नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा है। वहीं 397 एक्यूआई के साथ नोएडा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा ।
दोनों शहरों में सुबह और शाम के समय पार्टिकुलेट मैटर पीएम 10 और पीएम 2.5 की मात्रा अधिक होने से हालात ज्यादा खराब हो गए। स्माॅग की चादर में पूरे दिन शहर लिपटा रहा। निवासियों का कहना है कि वायु प्रदूषण से स्थिति खतरनाक हो रही है लेकिन सरकारी विभाग के अधिकारी सड़कों पर उतरकर काम नहीं कर रहे हैं।
अभी तक ग्रेटर नोएडा अपनी हरियाली और खुले एरिया की वजह से एनसीआर में बेहतर माना जाता था हालांकि अब वायु प्रदूषण बढ़ने से यहां भी परेशानी बढ़ गई है। शनिवार को ग्रेटर नोएडा देश का इकलौता ऐसा शहर रहा जहां एक्यूआई 400 के पार दर्ज हुआ।
हॉटस्पॉट पर भी नहीं थम रहा वायु प्रदूषण
ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण की रोकथाम के इंतजाम नाकाफी है। हॉटस्पॉट पर भी प्राधिकरण और यूपीपीसीबी धूल उड़ने से नहीं रोक पा रहा है। निवासियों के मुताबिक यहां केवल एक समय पानी का छिड़काव कर खानापूर्ति की जा रही है। सड़कों से धूल भी नहीं उठ रही है। ग्रेप-3 के नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा है। जगह-जगह निर्माण कार्य चल रहे हैं। कूड़ा जलाया जा रहा है।
15 दिन में से 12 दिन आगे रहा नोएडा
नवंबर माह के 15 में से 12 दिन नोएडा का एक्यूआई ग्रेटर नोएडा से ज्यादा रहा है। केवल 00, 14 और 15 नवंबर को ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई नोएडा से अधिक रहा है। नोएडा के एक्यूआई में सात नवंबर और ग्रेनो के एक्यूआई में 8 नवंबर से सुधार नहीं हो रहा है। दोनों शहर का एक्यूआई दो दिन डार्क रेड जोन में भी रहा है।
14 और 15 नवंबर को एनसीआर के शहरों का हाल
शहर 14 नवंबर 15 नवंबर
ग्रेटर नोएडा 368 418
नोएडा 364 397
दिल्ली 387 386
फरीदाबाद 258 263
गाजियाबाद 370 392
गुरुग्राम 278 305