भिवानी। शहर की हवा रविवार को फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 256 दर्ज किया गया जिससे पूरे दिन हवा में प्रदूषण का घना स्मॉग छाया रहा। सांस लेने में घुटन और आंखों में जलन के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं ट्रेनों की रफ्तार भी धुंध की वजह से प्रभावित रही। जिला नागरिक अस्पताल में मौसमी बीमारियों और आंखों की समस्या से जूझ रहे मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। रविवार को शहर का एक्यूआई स्तर सुबह से शाम तक लगभग स्थिर बना रहा। न्यूनतम एक्यूआई 202 और अधिकतम 310 तक दर्ज किया गया। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण स्तर से वातावरण में धूल और धुंध की परत छाई रही।
प्रशासन की ओर से सड़कों पर उड़ती धूल रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। वहीं सरकारी निर्माण स्थलों पर केवल औपचारिक हिदायतें दी गई हैं जिनकी पालना नहीं हो रही है। पराली जलाने का कोई मामला भले सामने नहीं आया हो लेकिन हवा में मौजूद धूलकण लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रहे हैं।
दिनभर ये रहा एक्यूआई का स्तर
समय एक्यूआई
सुबह 4 बजे 232
सुबह 5 बजे 260
सुबह 6 बजे240
सुबह 7 बजे257
सुबह 8 बजे262
सुबह 9 बजे260
सुबह 10 बजे258
सुबह 11 बजे257
दोपहर 12 बजे256
दोपहर 1 बजे258
दोपहर 2 बजे257
दोपहर 3 बजे256
शाम 4 बजे256
शाम 5 बजे256
शाम 6 बजे256
(स्रोत– एक्यूआई डॉट इन वेबसाइट)
आंखों में जलन और सांस लेने में हो रही परेशानी
वायु गुणवत्ता सूचकांक में लगातार बढ़ोतरी से लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत बढ़ रही है। सुबह और शाम की सैर पर निकलने वाले बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। जिला नागरिक अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हरजीत ने बताया कि एक्यूआई बढ़ने का सीधा असर आंखों पर हो रहा है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 300 से अधिक मरीज आंखों में जलन और लालिमा की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
ये बरतें सावधानी
सुबह और शाम खुले में सैर करने से बचें।
घर पर रहकर हल्का व्यायाम करें।
बाहर निकलें तो एन-95 मास्क पहनें।
बिना जरूरत घर से बाहर न जाएं।
बच्चों और बुजुर्गों को खुले में न जाने दें।
आंख या सांस में जलन होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
बाहर से लौटने के बाद आंख और नाक को अच्छी तरह साफ करें।