संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जिम्स में एमडीआर-टीबी रोगियों के लिए बीपीएएलएम उपचार शुरू किया गया। इससे पहले जो उपचार चलाया जाता था। उसका कोर्स 18 से 20 महीने का होता था, जो अब मात्र छह महीने में पूरा कर लिया जाएगा
टीबी रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. रश्मि उपाध्याय और एनटीईपी की मेडिकल आफिसर डॉ. अक्षयता की देखरेख में शनिवार को मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस (एमडीआर-टीबी) से पीड़ित एक रोगी को बीपीएएलएम उपचार शुरू किया गया। डॉट्स सेंटर के इंचार्ज गौरव सक्सेना, लल्लन यादव, डीपीटीसी और वॉर्ड इंचार्ज संदीप ने मदद की। डॉ. रश्मि उपाध्याय ने बीपीएएलएम उपचार पद्धति पारंपरिक एमडीआर-टीबी उपचारों की तुलना में ज्यादा असरकारक है।