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Noida News: केबल चोरी होने से छह घंटे तक ब्लू लाइन मेट्रो सेवा रही प्रभावित

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व्यस्त समय में यात्रियों को गंतव्य स्थान तक पहुंचने में हुई देरी, सोशल मीडिया पर भी निकाली भड़ास
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140 मीटर लंबी केबल हुई थी चोरी, 30 मिनट में हुई मरम्मत
20 कर्मियों की विशेष टीम मरम्मत के लिए डीएमआरसी ने लगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की ब्लू लाइन (द्वारका-सेक्टर 21-नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी/वैशाली) पर सिग्नल केबल चोरी होने से बृहस्पतिवार को यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। ब्लू लाइन के मोती नगर और कीर्ति नगर स्टेशनों के बीच समस्या आने से पूरे कॉरिडोर पर यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
सुबह आठ बजे शुरू हुई दिक्कत दोपहर दो बजे के बाद दूर हो पाई। ऐसे में प्रभावित सेक्शन पर पूरे दिन ट्रेनें सीमित गति से चलीं। इससे स्टेशनों व ट्रेनों में भीड़ रही। यात्रियों को लंबे समय तक ट्रेन की प्रतीक्षा करनी पड़ी। सबसे अधिक परेशानी ऑफिस जाने वाले लोगों व स्कूली बच्चों को हुई। लोग एक से डेढ़ घंटे की देरी से गंतव्य तक पहुंचे। ऐसे ही स्थिति शाम को भी नजर आई। लोगों ने सोशल मीडिया पर भी भड़ास निकाली।
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इधर, डीएमआरसी का कहना है कि सिग्नल केबल चोरी होने से ब्लू लाइन पर सुबह से ट्रेन सेवाएं नियंत्रित कर दी गईं थी। दिन के समय प्रभावित खंड पर ट्रेनें सीमित गति से चलीं। इससे सेवाओं में कुछ देरी हुई। हालांकि, ब्लू लाइन के बाकी हिस्से पर ट्रेन सेवाएं सामान्य रहीं। कर्मियों ने मोती नगर और कीर्ति नगर के बीच के प्रभावित हिस्से की मरम्मत पूरी की। शुरुआत में यात्री सेवाओं के समाप्त होने के बाद रात में मरम्मत कार्य करने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डीएमआरसी ने दोपहर के गैर-व्यस्त घंटों में मरम्मत करने का निर्णय लिया। डीएमआरसी ने एक्स पर लिखा कि 20 कर्मियों की एक विशेष टीम का गठन किया गया था। दोपहर एक बजे प्रभावित खंड में मरम्मत कार्य करने के लिए टीम तैनात हुई। कुल 140 मीटर केबल चोरी हो गई थी। कर्मियों ने मात्र 30 मिनट में मरम्मत कार्य को अंजाम दिया। इस तरह के बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य में लगभग तीन से चार घंटे लगते हैं। इस महत्वपूर्ण लाइन पर जल्द से जल्द नियमित सेवाएं बहाल करने के महत्व को देखते हुए अतिरिक्त कर्मियों को लगाया गया। जब अप लाइन (द्वारका की ओर) पर मरम्मत का काम चल रहा था, तो डाउन लाइन पर अप व डाउन दोनों ही तरह की ट्रेनें चलती रहीं।

कोई परीक्षा तो कोई दफ्तर देरी से पहुंचा
नोएडा से जीटीबी नगर जाते समय मेट्रो की धीमी गति के कारण गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। कार्यालय में सुबह 10 बजे तक पहुंचना था। डीएमआरसी को सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। -शुभंकर सिंह

प्री-बोर्ड परीक्षा देने के लिए 8 बजे स्कूल पहुंचना था, लेकिन मेट्रो में देरी के कारण 8:30 बजे तक फंसी रही। मेट्रो में अनाउंसमेंट हो रही है कि यात्रा में देरी होगी, लेकिन स्कूल में इसका कोई बहाना नहीं चलेगा। साक्षी, छात्रा

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मेट्रो की लेटलतीफी के कारण कार्यालय समय से नहीं पहुंच पाऊंगी। बाकी सभी ऑफिस पहुंच गए हैं। ऑफिस वालों को कॉल करके देरी की जानकारी दे दी है। मेट्रो में आए दिन ऐसी दिक्कत आती है। -पायल, यात्री

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जनकपुरी वेस्ट से राजौरी गार्डन जाना है, लेकिन, मेट्रो देरी से चल रही है। सुबह 8:45 बजे तक तिलक नगर तक ही पहुंच पाई। ऐसे में अपने स्कूल में जानकारी दी है, ताकि किसी को असुविधा या चिंता न हो। -सुखविंदर कौर, यात्री
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मेट्रो में देरी आम बात हो गई है। दो-तीन महीने में एक बार ऐसी दिक्कत जरूर होती है। हैरानी इस बात की है कि आखिर तार कैसे चोरी हो जाता है। यह सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतान पड़ता है। पीयूष, यूपीएससी, अभ्यर्थी
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