भाजपा और एमसीडी ने दिल्ली को कूड़ा मुक्त बनाने और लैंडफिल खत्म करने की बड़ी घोषणाएं की थीं लेकिन हकीकत इसके उलट है। एमसीडी में 62 हजार स्वीकृत पदों पर कर्मचारी कार्यरत होने के बावजूद गंदगी और कूड़े का अंबार बढ़ रहा है। दिल्ली सरकार, पीडब्ल्यूडी और डीडीए के पास भी हजारों सफाई कर्मचारी मौजूद हैं लेकिन राजधानी की हालत बदतर बनी हुई है। 15 साल एमसीडी में रहने के बावजूद भाजपा ने कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ब्यूरो