आप ने 151 पार्षदों, विधायक व सांसद का समर्थन होने का दावा किया
भाजपा के पास सिर्फ 111 पार्षद और सांसदों होने की बात कही
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने महापौर का चुनाव हुए बिना एमसीडी के सदन की बैठक स्थगित करने के मामले में भाजपा पर आरोपों की झड़ी लगाई। आप का कहना है कि भाजपा ने महापौर चुनाव में हार देखकर बैठक स्थगित कर दी। लिहाजा, उपराज्यपाल चुनाव का वक्त निर्धारित करें। आप के पास 151 पार्षदों, विधायक और सांसदों का समर्थन है, जबकि भाजपा के पास सिर्फ 111 पार्षदों और सांसदों का समर्थन है। आप के पास भाजपा के मुकाबले 40 संख्या बल ज्यादा है। प्रधानमंत्री, उपराज्यपाल व गृहमंत्री यहां आकर देख सकते हैं कि आप के पास 151 वोट हैं। आप ने सदस्यों की मीडिया के समक्ष गिनती भी कराई।
सदन की बैठक स्थगित होने के बाद आप के सांसद और विधायक मीडिया से रूबरू हुए। इस मौके पर राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि भाजपा ने खतरनाक प्रयोग शुरू कर दिया है। अगर ये चुनाव नहीं जीतेंगे तो महापौर नहीं बनने देंगे। भाजपा विधानसभा-लोकसभा चुनाव में हार गई तो स्पीकर-सीएम-पीएम नहीं बनने देगी। ऐसे फिर लोकतंत्र में जनता के जनादेश का क्या मतलब रह गया।सदन में आप के पार्षद, विधायक और सांसद शांति से बैठे हुए थे। आप नेताओं ने किसी भी पार्षद की तरफ से जरा भी हंगामा नहीं होना दिया। भाजपा के पार्षद गालियां देने और गुंडागर्दी कर रहे हैं। इसके अलावा महिला पार्षदों के साथ मारपीट कर रहे हैं। हमारे पार्षद काे चारों तरफ से घेरकर मारपीट करने पर उतारू थे। अचानक सदन स्थगित कर दिया गया। ऐसे में उपराज्यपाल खुद आएं और तत्काल चुनाव की तिथि निर्धारित करें। आप विधायक आतिशी ने कहा कि उपराज्यपाल के पास नए चुनाव की तिथि निर्धारित करने के अधिकार है। वे तुरंत फाइल साइन करें और चुनाव करवाएं। आप के पार्षद विधायक और सांसद मौजूद हैं। वहीं, मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा अवैध तरीके से एमसीडी पर कब्जा करना चाहती है। भाजपा का मार्च 2022 में कार्यकाल खत्म हो चुका है। अभी तक 11 महीने हो चुके है एमसीडी पर भाजपा का अवैध कब्जा है। भाजपा कब्जे को और आगे बढ़ाना चाहती है।