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बर्ड फ्लू का खौफ, चिकन की बिक्री 50 प्रतिशत तक घटी

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बर्ड फ्लू का खौफ, चिकन की बिक्री 50 प्रतिशत तक घटी
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नोएडा (योगेश शर्मा)। कोरोना महामारी के बीच बर्ड फ्लू के खतरे ने पोल्ट्री कारोबार को पटरी से उतार दिया है। अब तक देश के छह से ज्यादा राज्यों में दस्तक दे चुके बर्ड फ्लू से जिले के मांसाहार के शौकीन लोग भी दहशत में आ गए हैं। बर्ड फ्लू के खौफ से थाली से चिकन गायब हुआ तो बिक्री में भी औसतन 50 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, बिक्री ठप होने से पोल्ट्री शॉप मालिकों की परेशानी बढ़ गई है। इनकी मानें तो 200 रुपये प्रति किलो बिकने वाले मुर्गे के मांस का दाम 100 से 120 रुपये तक पहुंच गया है। जिले में 500 से ज्यादा पोल्ट्री शॉप हैं। सेक्टर-8 और 9 सहित जिले में कई जगह छोटे-छोटे पोल्ट्री बाजार हैं। यहां दिल्ली के गाजीपुर की मुर्गा मंडी से सप्लाई होती है। एक दुकानदार औसतन 50 मुर्गों का मीट रोजाना बेचता है। ऐसे में रोजाना तकरीबन 20 से 25 लाख रुपये का नुकसान इस कारोबार से जुड़े लोगों को उठाना पड़ रहा है। चिकन के साथ अंडे के कारोबार पर भी बर्ड फ्लू का असर पड़ रहा है।
रेस्तरां में बढ़ी शाकाहारी खाने की मांग
बर्ड फ्लू ने रेस्तरां में शाकाहारी खाने की मांग बढ़ा दी है। जो होटल, ढाबे और रेस्तरां मांसाहार के लिए जाने जाते हैं, उनमें भी इन दिनों सन्नाटे जैसे हालात हैं। सेक्टर-8 के एक ढाबा संचालक ने बताया कि पहले दिनभर में नॉनवेज से जुड़े 80 से 100 ऑर्डर आ रहे थे, अब 20 ऑर्डर भी मुश्किल से मिल रहे हैं।
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सेक्टर-74 में 4 पक्षी मरे मिले, टीम ने कब्जे में लिया
सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन के गेट नंबर-1 के बाहर पार्क में चार पक्षी मरे मिले। लोगों ने बर्ड फ्लू की आशंका जताते हुए वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम को जानकारी दी। मौके पर पहुंची टीम मरे पक्षियाें को कब्जे में लेकर चली गई। एओए अध्यक्ष अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि पार्क में टहलते समय उनकी नजर मरे पड़े 3 कबूतरों व एक कौवे पर पड़ी। पक्षियों की फोटो और वीडियो बनाने के साथ सूचना वन विभाग व पशु चिकित्सा विभाग को दी गई। आधा घंटे में टीम मौके पर पहुंची और मरे पक्षियों को कब्जे में लेकर चली गई। पशु चिकित्सा विभाग के अफसरों का कहना है कि सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। मौत का कारण ठंड और खाने का अभाव हो सकता है। हालांकि ,रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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