-अस्पताल में एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं, मायूस होकर लौट रहे ग्रामीण
-छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज को नोएडा या ग्रेनों का करना पड़ता है रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्र के इकलौते स्वास्थ्य केंद्र पर एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं है। कुछ दिन पहले एक चिकित्सक के सेवानिवृत्त होने के बाद से यहां चिकित्सक ही नहीं है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को बीमार होने पर ग्रेटर नोएडा के जिम्स मेडिकल कॉलेज या नोएडा के जिला अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है।
बिलासपुर में इकलौता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, जो कस्बे तथा आसपास के ग्रामीणों के लिए एकमात्र सहारा है। यह अस्पताल भी कस्बे की आबादी से दूर है। यहां आने जाने के लिए परिवहन सुविधा भी नहीं है, ऐसे में अधिकांश लोग पैदल ही इस अस्पताल तक पहुंचते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले 10 वर्ष से चिकित्सक डॉ. रमेश चावरा तैनात थे। 30 जून को उनके सेवानिवृत्त होने के बाद से अस्पताल में चिकित्सक ही मौजूद नहीं है। बारिश के दिनों में बीमारियां अपने चरम पर हैं। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को बिना उपचार उल्टे पांव वापस जाना पड़ता है।
मंगलवार को अस्पताल आए मरीज सोनू, साजिद, रईस, हेमलता, शिवानी, दीपांशु ने बताया कि क्षेत्र में एक ही सरकारी अस्पताल है। यहां भी डॉक्टर न होने से उनको इलाज नहीं मिल पाया है। कई मरीज और तिमारदार वह अपने गांव से दो से तीन किलोमीटर पैदल आए लेकिन डॉक्टर नहीं होने के कारण निराश लौटना पड़ रहा है। वर्तमान में यहां एक वार्ड बॉय तथा एक फार्मासिस्ट है।
5 वर्ष से नहीं है सफाई कर्मी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले 5 वर्ष से सफाई कर्मी नहीं है। इसकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अधिकारियों ने इस तरफ कोई ध्यान नही दिया।