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आरोप पत्र में दिल्ली से महाराष्ट्र तक के निवेशकों की पीड़ा

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आरोप पत्र में दिल्ली से महाराष्ट्र तक के निवेशकों की पीड़ा
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ग्रेटर नोएडा। अरबों के बाइक बोट फर्जीवाड़े में पुलिस ने अभी केवल दो आरोपियों के खिलाफ पांच केस में आरोप पत्र दाखिल किया है। खास बात यह है कि इन पांचों केस में दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश के पीड़ित निवेशकों के केस शामिल हैं। वहीं, पुलिस की केस डायरी में कुल 38 आरोपियों के नाम हैं। इनमें संजय भाटी की पत्नी दीप्ति बहल, पीए रीता चौधरी और बीएन तिवारी का भी नाम है। वहीं, दस आरोपी जिला कारागार में हैं और 10 आरोपियों पर पुलिस 25 हजार का इनाम घोषित कर चुकी है। लेकिन कुल 28 नामजद अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पहला केस दर्ज कराने वाले सुनील मीणा के अधिवक्ता भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि पुलिस ने फरवरी से लेकर अप्रैल तक दादरी थाने में दर्ज कराए गए पांच केस में सैकड़ों पेज का आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोप पत्र का अध्ययन किया जा रहा है। शुरुआती अध्ययन में पता चला कि पुलिस ने फर्जीवाड़े के संबंध में जानकारी दी है कि लोगों का धन एक साल में लगभग दोगुना करने का झांसा देकर धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया। कंपनी के पदाधिकारियों ने पर्चे बंटवाकर और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से उत्तर प्रदेश ही नहीं देश के कई राज्यों के लोगों को अपने जाल में फंसाया। बाइक बोट के नाम पर निवेश करने वालों को अतिरिक्त लोगों को जोड़ने पर बोनस का झांसा दिया गया। जिसके बाद एक के बाद एक लोग फर्जीवाड़े से जुड़ते चले गए और लोगों को प्रतिमाह दी जाने वाली किस्त रोक दी गई। इसके बाद आरोपियों ने निवेशकों को पोस्ट डेटेड चेक सौंपे जो बाउंस हो गए।
सेवानिवृत्त सीओ के केस में भी चार्जशीट दाखिल
बताया गया है कि जिन पांच केस में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। उनमें एक मेरठ निवासी सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक ने भी दर्ज कराई थी। उनकी एफआईआर में कहा गया था कि मेरठ में 12 मई 2018 को बाइक बोट कार्यालय के उद्घाटन में एक बड़े पुलिस अधिकारी पहुंचे थे। सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक के बेटे व अन्य लोगों ने कई लाख रुपये कंपनी में निवेश किए लेकिन कुछ माह किस्त मिलने के बाद भुगतान बंद कर दिया गया।
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201 और 409 दो धाराएं बढ़ाईं गईं
पुलिस ने आरोप पत्र में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 201 (साक्ष्य मिटाना) और 409 (विश्वास का आपराधिक हनन) शामिल की है। 409 में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। वहीं, जेल में बंद आठ अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे होने से पूर्व आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में जुट गई है।
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पुलिस ने पांच केस में संजय भाटी और विजयपाल कसाना के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। ये पांच केस दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के सौ से अधिक निवेशकों ने दर्ज कराए थे। पुलिस की केस डायरी में 38 आरोपियों के नाम हैं। इनमें से दस जेल में हैं।
भूपेंद्र शर्मा, अधिवक्ता (पीड़ित पक्ष)
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