बाइक बोट फर्जीवाड़ा : 16 आरोपियों की 29 केस में जमानत याचिका खारिज
ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट फर्जीवाड़े के 16 आरोपियों की 29 केस में जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। पंजाब के दंपती रविंद्र व रेखा और सबसे पहले गिरफ्तार किए गए फ्रेंचाइजी हेड विजयपाल कसाना ने भी जमानत अर्जी दाखिल की थी। आरोपियों की जमानत याचिकाओं को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट वेदप्रकाश वर्मा ने खारिज कर दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार जयंत ने बताया कि जेल में बंद आरोपी याचिका दायर कर जमानत की मांग कर रहे हैं। 50 हजार रुपये का इनाम घोषित होने के बाद पंजाब से गिरफ्तार किए गए रविंद्र वर्मा उसकी पत्नी रेखा वर्मा और करनपाल, पुष्पेंद्र, सचिन भाटी, हरीश, विजयपाल कसाना, सुनील प्रजापति, संजय गोयल, राजेश यादव, ललित, विनोद व विशाल की केस नंबर 608 में जमानत याचिका खारिज की गई है। वहीं, आरोपी लोकेंद्र की 8 केस में जमानत याचिका खारिज की गई है। संजय भाटी के बाद केस के मास्टर माइंड कहे जा रहे बीएन तिवारी की एक केस में अंतरिम जमानत याचिका पर 5 फरवरी को सुनवाई होगी। इससे पहले आरोपी की तीन अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। आरोपी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
बीमारी का हवाला देकर मांगी रेखा ने जमानत
सुनवाई के दौरान रेखा की जमानत याचिका में कहा गया था कि उसे झूठा फंसाया गया है। वह बीमार है। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल से उपचार के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
प्लॉट-दुकान खरीदी, जगुआर की बरामद
अधिवक्ता ने रेखा की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पति के खाते से डेढ़ करोड़ रुपये और रेखा के खाते से लगभग 60 लाख रुपये कंपनी को भेजे गए हैं। इन्हीं रुपयों से आरोपियों ने पंजाब में 25 लाख रुपये का प्लॉट, 12 लाख रुपये की दुकान आदि खरीदी। पति की निशानदेही पर कंपनी की जगुआर, एक पेन ड्राइव और रेखा की निशानदेही पर स्कॉर्पियो बरामद की गई है।