ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट फर्जीवाड़े के 58 केस की जांच कर रही ईओडब्ल्यू मेरठ की टीम को जानकारी मिली है कि जीआईपीएल कंपनी के खाते से 86.2 करोड़ रुपये तीन कंपनियों के खाते में डाले गए थे। इनमें में बाइक बोट के मुख्य दफ्तर देने वाले एल्पाइन टेक्निकल एजुकेशनल सोसाइटी भी शामिल है। तीनों संस्था के निदेशकों को नोटिस देकर सात दिन में जवाब तलब किया है।
ईओडब्ल्यू ने भेजे गए नोटिस में कहा है कि बाइक बोट फर्जीवाड़े की जांच में यह सामने आया है कि गर्वित इनोवेटिव प्रा.लि. कंपनी के खाते से सूरजपुर स्थित राठौर मोटर्स के खाते में 24 अप्रैल और 7 मार्च को तीन मदों में 8 करोड़ रुपये, नोएडा के सेक्टर-33 स्थित विनम्र इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. के खाते में 4 और 5 दिसंबर 2018 को तीन मदों में 75 करोड़ रुपये और एल्पाइन टेक्निकल एजुकेशनल के खाते 3.2 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए हैं। ईओडब्ल्यू यह जानना चाहती है कि यह रकम उक्त संस्था के खातों में किस मद में स्थानांतरित की गई है। ईओडब्ल्यू ने नोटिस 4 फरवरी को जारी किए हैं और सात दिन में मेरठ स्थित दफ्तर में आकर जवाब देने को कहा है। अगर संस्था संतोष जनक जवाब नहीं देती तो ईओडब्ल्यू आगे की कार्रवाई करेगी।
चेक बाउंस केस में संजय भाटी समेत तीन गाजियाबाद कोर्ट में तलब
गाजियाबाद निवासी अकील खान ने बाइक बोट कंपनी में रुपया निवेश किया था। आरोपियों ने अकील खान के 4.40 लाख रुपये के बदले अग्रिम तिथि का चेक अकील खान को सौंप दिया था। चेक बाउंस होने के बाद अकील खान ने गाजियाबाद जिला अदालत में याचिका दायर की थी। अब, इस मामले में आरोपी संजय भाटी, राजेश भारद्वाज और करनपाल को गाजियाबाद अदालत ने 30 अप्रैल को तलब किया है।