गर्वित कंपनी की तरफ से बाइक बोट स्कीम शुरू की गई थी जो ओला उबर की तर्ज पर बाइक टैक्सी चलवाने के नाम पर एक निवेशक से 62,100 रुपये लेती थी। इसके बदले में कंपनी ने 6765 रुपये प्रतिमाह एक वर्ष तक लाभ देने की बात कही गई थी। इसके बाद लाखों लोगों से हजारों करोड़ का निवेश करा कर कंपनी भाग गई। इसके बाद नोएडा पुलिस ने इसके मालिक संजय भाटी को गिरफ्तार किया था। लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की ठगी की गई है।
अब तक दस हुए गिरफ्तार
बाइक बोट कंपनी के फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद सीईओ की दसवीं गिरफ्तारी है। इससे पहले गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के एमडी, सात डायरेक्टर व एक अन्य कर्मचारी की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार कंपनी के सीईओ को 80 हजार रुपये वेतन मिलता था और एक ब्रेजा कार दी गई थी।
आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा की एसआईटी ने करोड़ों का फर्जीवाड़ा करने वाली बाइक बोट कंपनी के सीईओ को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करेगी। -वैभव कृष्ण, एसएसपी