बाइक बोट फर्जीवाड़े के 25 हजार रुपये के 10 इनामी और अन्य आरोपी अब तक फरार हैं। वहीं, मुख्य आरोपी संजय भाटी समेत लगभग 11 जेल में बंद हैं। बावजूद फर्जीवाड़े में गाढ़ी कमाई फंसाने वाले निवेशक एफआईआर दर्ज कराने को भटक रहे हैं।
दूरदराज के राज्यों के निवेशक अकसर पुलिस ऑफिस पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की मांग करते हैं। मंगलवार को भी महाराष्ट्र के नागपुर और प्रयागराज निवासी निवेशक सूरजपुर स्थित ऑफिस पहुंचे और शिकायत दी।
फर्जीवाड़ा उजागर होने और मुख्य आरोपी बसपा के पूर्व लोकसभा प्रभारी संजय भाटी के आत्मसमर्पण कर जेल जाने के बावजूद निवेशकों की मुसीबत कम नहीं हुई है। निवेशक आरोपियों की गिरफ्तारी, संपत्ति जब्त करने और नये पौंजी स्कीम के खिलाफ बने नये कानून के अंतर्गत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कोट गांव स्थित बाइक बोट के मुख्य दफ्तर पर आठ माह से धरना चल रहा है। नागपुर से पहुंचे निवेशक विशाल कड़वे ने बताया कि 2018 में प्रॉपर्टी बेचकर टैक्सी में चलाने के लिए एसयूवी खरीदी थी। तभी यूट्यूब पर वीडियो देखने के बाद वह बाइक बोट कंपनी के झांसे में आ गए।
लगभग पांच लाख रुपये कंपनी में लगाया। करीबियों का रुपया भी कंपनी में लगवाया और दो तीन माह बाद उन्हें किस्त मिलनी बंद हो गई। इसके अलावा प्रयागराज के राजेश व अन्य निवेशकों ने भी शिकायत की। डीसीपी ग्रेटर नोएडा जोन का कहना है कि फर्जीवाड़े के दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे।