- 20 साल के लिए संचालित करेगी निजी कंपनी, रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर करेगी तैयार
लागत
80 फीसदी राशि खर्च करेगा ग्रेनो प्राधिकरण
20 प्रतिशत निजी कंपनी करेगी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट के नॉलेज पार्क-5 में डी पार्क में प्रस्तावित भारत दर्शन पार्क का निर्माण कार्य अक्तूबर में का शुरू हो सकता है। पिछले दिनों टेंडर प्रक्रिया पर विवाद खड़ा होने के बाद अब दोबारा से एजेंसी के चयन की कवायद शुरू हो गई है। रेवेन्यू शेयरिंग माॅडल पर एजेंसी इस पार्क को बनाकर 20 साल तक संचालित करेगी। पार्क में देश की प्रमुख ऐतिहासिक इमारतों की अनुकृतियां बनाई जाएंगी। इन्हें बनाने में कबाड़ का उपयोग किया जाएगा।
दिल्ली और लखनऊ में बने वेस्ट टू वंडर पार्क की तर्ज पर इस भारत दर्शन पार्क को बनाया जाना है। पूर्व, उत्तर, दक्षिण और पश्चिम जोन में बांटकर विकसित होने वाले इस पार्क में देश की चारों दिशाओं में मौजूद ऐतिहासिक इमारतों को शामिल किया गया है। हर जोन अलग दिशा को प्रदर्शित करेगा। पार्क के निर्माण की अनुमानित लागत करीब 20 करोड़ रुपये है इनमें से लगभग 17 करोड़ रुपये ग्रेनो प्राधिकरण खर्च करेगा।
अधिकारियों का कहना हैै कि 29 सितंबर तक इच्छुक कंपनियों से प्रस्ताव लिए जाएंगे। इसके बाद एजेंसी को फाइनल करने की प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकतम रेवेन्यू शेयर बिड में देने वाली एजेंसी को यह काम दिया जाएगा। तकनीकी रूप से प्रस्ताव का आकलन प्राधिकरण की टीम करेगी। न्यूनतम 50 प्रतिशत रेवेन्यू ग्रेनो प्राधिकरण को देना होगा। इसमें टिकट बिक्री के अलावा अन्य स्रोत जैसे विज्ञापन या सामुदायिक कार्यक्रम से होने वाली आय भी शामिल है। जरूरी रखरखाव के लिए अपने 50 प्रतिशत से ही एजेंसी को भारत दर्शन पार्क में खर्च करना होगा।
24 घंटे में ही निरस्त हुआ था टेंडर
इसी 31 जुलाई को पार्क के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई थी। 24 घंटे के अंदर ही इस प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था। बताया गया कि प्राधिकरण को कम अनुपात में रेवेन्यू शेयर मिलने पर वित्त विभाग ने आपत्ति की। यह भी सवाल उठा कि वित्तीय लाभ के लिए बन रहे भारत दर्शन पार्क में बिना किसी शुल्क के जमीन देने के साथ करीब 17 करोड़ रुपये भी ग्रेनो प्राधिकरण खर्च कर रहा है। इसके बाद भी सबसे अधिक लाभ निजी एजेंसी को 20 साल तक क्यों दिया जा रहा है। हर साल पांच प्रतिशत रेवेन्यू शेयर प्राधिकरण का कम किए जाने पर भी वित्त विभाग ने आपत्ति लगाई थी। इन आपत्ति के बाद यह टेंडर निरस्त किया गया। अब रेवेन्यू शेयर में कोई कटौती अगले साल से नहीं होगी। टेंडर फाइनल करते समय जो भी रेवेन्यू शेयर तय होगा। अगले 20 साल तक वही अनुपात में धनराशि एजेंसी को भुगतान करनी होगी।
कोट
भारत दर्शन पार्क में रेवेन्यू शेयरिंग के लिए ग्रेनो प्राधिकरण के लिए अब 50 प्रतिशत न्यूनतम की शर्त जोड़ी गई है। हर साल कोई कटौती भी इस रेवेन्यू शेयर में नहीं होगी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया दोबारा से शुरू कर दी गई है। अगले महीने तक एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा। इसके बाद काम शुरू हो जाएगा। - विजय रावल, डीजीएम, ग्रेनो प्राधिकरण।