भारी पुलिस रहा तैनात, मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम सौंपे ज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट पर भारी संख्या में किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर पहुंचे। मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम दो ज्ञापन सौंपे। प्रदर्शन के मद्देनजर कलेक्ट्रेट परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
भाकियू के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन खटाना के नेतृत्व में किसान नॉलेज पार्क मेट्रो स्टेशन के पास एकत्र हुए। वहां से ट्रैक्टरों पर सवार होकर नारेबाजी करते हुए परी चौक, जगत फार्म और एलजी गोल चक्कर से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के बाहर किसानों के ट्रैक्टरों को पुलिस ने रोक लिया जिसके बाद किसान पैदल धरना स्थल पर पहुंचे। संबोधित करते हुए पवन खटाना ने कहा कि 30 जुलाई को ग्रेनो प्राधिकरण और जिलाधिकारी ने 30 जुलाई को हुई बैठक में मांगों को 15 दिनों में पूरा कराने का आश्वासन दिया लेकिन आश्वासन के बाद भी उनको पूरा नहीं किया गया है।
खटाना ने कहा कि किसानों को 10 फीसदी आबादी का भूखंड देने, पुरानी आबादी का निस्तारण करने समेत कई मुद्दों पर बार-बार आश्वासन तो मिला, लेकिन उन्हें अब तक पूरा नहीं किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बाद में किसानों ने जमीन अधिग्रहण के दौरान उचित मुआवजा देने, 10 फीसदी आबादी का भूखंड, सर्किल रेट में वृद्धि, आबादी मामलों का निस्तारण और गांवों में श्मशान घाट निर्माण शामिल हैं। बीज और खाद मुहैया कराने, किसानों को निशुल्क बिजली देने समेत मांगों का ज्ञापन दिया। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। 100 मीटर दूर ही किसानों को रोक दिया गया और मैन गेट व परिसर के अंदर पुलिस अफसरों की मौजूदगी रही।
परी चौक समेत कई स्थानों पर लगा जाम
किसानों के ट्रैक्टर के जुलूस निकाले जाने से नॉलेज पार्क से परी चौक, अल्फा कॉमाशियल बेल्ट, परी चौक समेत चार स्थानों पर जाम लग गया। जाम में वाहन रेंगते रहे। किसानों के निकलने के एक घंटे के बाद यातायात सामान्य हुआ। हालांकि, यातायात पुलिस के तैनात होने के बाद भी जाम से लोगों को निजात नहीं मिली।