वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब रैगिंग करना अपराध है, तो यह कैसे की जा सकती है। वहीं, इस प्रकरण में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने छात्र छात्राओं की सुरक्षा की चिंता, निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग की।
एबीवीपी ग्रेटर नोएडा इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की मांग करते हुए कुलपति एवं प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रांत मंत्री गौरव गौर ने कहा कि ये घटनाएं छात्रों के मनोबल को प्रभावित करती हैं, इसलिए प्रशासन को त्वरित और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
बता दे, वीडियो में हास्टल में कुछ छात्राएं बातचीत कर रही है। इनमें एक छात्रा दूसरी छात्रा से सॉरी बोलने व हर बार सॉरी बोलने पर एक खुराक यानी थप्पड़ मारने की बात कर रही है। थोड़ी देर बातचीत के बाद एक लड़की, पास में ही काले रंग के टॉप में खड़ी लड़की को उसके पिता पर कुछ गलत टिप्पणी करने की बात कहकर उकसाते हुए उसे लाल रंग के टॉप में बिस्तर में बैठी छात्रा को मारने के लिए बोलती है। तभी वीडियो बना रही लड़की भी उसे उकसाती है। इस दौरान तालियां बजाकर भी उकसाया जाता है। इसके बाद काले रंग के टॉप पहनी छात्रा, बिस्तर पर बैठी छात्रा के दोनों हाथ पकड़कर उसे करीब सात बार थप्पड़ मारती है। इसके बाद छात्रा गालियां देती है। साथ ही उसके पिता के बारे में गलत बोलने का आरोप भी लगाती है। परिवार की इज्जत पर भी सवाल उठाती है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए कड़ी आपत्ति जाहिर की है।
अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि विश्वविद्यालय ने कमेटी का गठन कर दिया है।
- प्रिशाली गंगवार, एसीपी
वीडियो में मारपीट करने वाली छात्रा समेत वीडियो बनाने वाली व अन्य सभी को कॉलेज से रस्टिकेट किया गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन भी मामले में अपनी तरफ से जांच कर रहा है। ये सभी छात्राएं हॉस्टल में रहती थी। सभी अलग अलग कोर्स की छात्राएं हैं। विश्वविद्यालय इस प्रकार की घटनाओं को लेकर सख्त है।
- अजय यादव, रजिस्ट्रार बेनेट विश्वविद्यालय