सरकार भले ही लाख दावे कर रही है कि अस्पताल, मरीज को भर्ती करने से मना नहीं कर सकते, लेकिन नोएडा में हकीकत बिल्कुल अलग है। स्थिति यह है कि कॉल सेंटर से मरीज का रजिस्ट्रेशन होने के बाद भी अस्पताल बेड नहीं दे रहे हैं।
जब कॉल सेंटर में दोबारा कॉल कर इस बारे में बताया जा रहा है तो जवाब मिल रहा है कि हम लोग रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, अस्पताल को बेड देने के लिए निर्देश नहीं दे सकते। आप लोग खुद अस्पताल में खाली बेड ढूंढें। ऐसे में लोगों को मजबूरी में अपने मरीजों को लेकर घर लौटना पड़ रहा है।
सेक्टर-82 में रहने वाले विद्या रतन की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने पहले उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन अस्पताल की तरफ से कहा गया कि हम लोग एक दिन के लिए ही भर्ती कर सकते हैं। उसके बाद मरीज को दूसरे अस्पताल लेकर जाना होगा। मजबूरी में परिजनों ने कॉल सेंटर पर फोन किया।
जहां से मरीज की जानकारी लेने के बाद 2385 रजिस्ट्रेशन नंबर दिया गया। इसके बाद परिजन, मरीज को लेकर सेक्टर-39 कोविड अस्पताल चले गए। वहां रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाया, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने भर्ती करने से मना कर दिया। परिजनों ने फिर से कॉल सेंटर पर फोन किया तो जवाब मिला कि हमारा काम रजिस्ट्रेशन करना है।