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निजी अस्पतालों में बेड फुल, सरकारी में मारामारी

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ग्रेटर नोएडा। जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। निजी अस्पतालों में बेड फुल हो चुके हैं। वहीं, सरकारी अस्पतालों में कुछ बेड ही खाली बचे हैं। ऐसे में यहां मारामारी मची है। संक्रमित को भर्ती कराने के लिए परिजन दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। इससे स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, जिले में विभिन्न अस्पतालों में 2500 से अधिक बेड आरक्षित किए गए हैं। जिले में बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए आवश्यकता के अनुसार बेडों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। इसकी तैयारी चल रही है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मरीजों को बेड की कमी नहीं होने दी जाएगी। जबकि, हकीकत इससे विपरीत है। निजी अस्पतालों ने मरीज को भर्ती करने से मना करना शुरू कर दिया है। सरकारी अस्पताल में कुछ बेड खाली हैं, लेकिन स्थिति गंभीर है।
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आईवीआर के तहत भर्ती के ये क्या करें
इंटरेक्टिव वॉयस रेस्पांस (आईवीआर) सिस्टम के माध्यम से मरीजों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भी मारामारी मची है। सरकारी अस्पताल में मरीज को भर्ती कराने के लिए कंट्रोल रूम के नंबर 18004192211 पर कॉल कर आईवीआर के तहत आवेदन कराना होता है। इसके बाद एकीकृत कंट्रोल रूम के निर्देश पर एंबुलेंस की मदद से मरीजों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, लेकिन इस समय लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
तीन नए अस्पतालों को इजाजत
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में तीन और अस्पतालों को मरीज भर्ती कर उपचार की अनुमति दी है। इनमें नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस (शारदा) ग्रेटर नोएडा व बीटा-1 स्थित जेआर अस्पताल शामिल हैं। दो अस्पतालों ने स्वास्थ्य विभाग से अनुमति मिलने के बाद मरीजों को भर्ती करना शुरू कर दिया है। वहीं, शारदा के स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस में अभी व्यवस्था की जा रही है।
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सर गंगाराम ने नोएडा में कोविड अस्पताल चलाने का दिया प्रस्ताव
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल की ओर से नोएडा में कोविड अस्पताल चलाने का प्रस्ताव जिलाधिकारी के समक्ष रखा गया है। सर गंगाराम अस्पताल की ओर से दिए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि गौतमबुद्ध नगर में कम से कम 100 बेड का कोविड अस्पताल चलाने की अनुमति दी जाए। डॉक्टरों और अन्य स्टाफ गंगाराम का ही होगा। बता दें कि डीएम सुहास एलवाई ने बृहस्पतिवार को एक बैठक में प्रस्ताव रखा था कि यदि कोई संचालक अपने अस्पताल को कोविड के रूप में चलवाना चाहता है तो वह सर गंगाराम अस्पताल के साथ करार करा देंगे। इससे जिले में बेड भी बढ़ जाएंगे और चिकित्सा सुविधा भी बेहतर हो जाएगी। डीएम ने कहा कि जिस अस्पताल की ओर से पहल की जाएगी, प्रशासन उसका हमेशा ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि करार में दोनों पक्षों के शेयर तय होने के बाद ही अस्पताल चलाया जाएगा।
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