लखनऊ। मुंह, जीभ के कैंसर के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि इनमें बहुत से ऐसे मरीज भी हैं, जिन्होंने कभी पान-मसाला या तंबाकू का सेवन ही नहीं किया। इनमें 30 से 40 वर्ष के युवा भी शामिल हैं। जिनके परिवार के किसी सदस्य को कैंसर है वे अधिक सर्तक रहें।
जंकफूड, तनाव, नींद की कमी, लाइफस्टाइल भी कैंसर के बढ़ते मामलों के लिए जिम्मेदार है। इनसे शरीर में लगातार कोशिकाओं को नुकसान होता है, जो आगे चलकर कैंसर का कारण बन रहा है। विश्व कैंसर जागरूकता दिवस पर केजीएमयू के कैंसर विशेषज्ञ प्रो. सुधीर सिंह ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पहली स्टेज के कैंसर में इलाज सस्ता व प्रभावी होता है। इलाज में देरी से खतरा बढ़ जाता है। कैंसर से निपटने के लिए जागरूकता जरूरी है। डॉक्टर की सलाह पर जरूरी जांचें कराएं। धूम्रपान, शराब से तौबा करें और मोटापा कम करें। फलों का सेवन फायदेमंद है। हरी साग सब्जियों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें
बायोप्सी कराने से न घबराएं
लोहिया संस्थान में मेडिकल अंकोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि बायोप्सी या किसी तरह का चीरा लगने से कैंसर बढ़ता नहीं है। इससे कैंसर की स्थिति की जानकारी मिल जाती है। कैंसर का इलाज कराने के बाद तमाम लोग खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। 40 वर्ष की उम्र पार करने वाली हर व्यक्ति को एक बार स्क्रीनिंग करना चाहिए।