ड्रोन के जरिए बरौंछा की बाघिन की निगरानी करती टीम। स्रोत : वन विभाग।
बांकेगंज। दुधवा जंगल से निकलकर बफरजोन पलिया रेंज आबादी के आसपास पहुंची बरौंछा की बाघिन ने शुक्रवार रात नगला गांव में आबादी से सटे गन्ने के खेत में जंगली सूअर का शिकार किया। खेत में भरा पानी पिया। शनिवार सुबह निगरानी टीमों को गले में लगे कॉलर और ड्रोन के जरिये इसकी जानकारी मिली।
मैलानी और गोला रेंज की सीमा से 25 दिन पहले पकड़ी गई हमलावर बरौंछा की बाघिन के गले में रेडियो कॉलर लगाकर उसे दुधवा के जंगल में छोड़ा गया था। गन्ने के खेतों में रहने की आदत के चलते उसे जंगल की आबोहवा रास नहीं आ रही है। ऐसे में यह शुगरकेन बाघिन 15 दिन पहले जंगल से निकलकर बफरजोन पलिया रेंज आबादी के बाहरी किनारे फिर लौट आई।
इस बीच वह 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में गन्ने के खेतों के अंदर चहलकदमी के साथ भूख लगने पर शिकार भी कर रही है। उधर, आबादी के आसपास हमलावर बाघिन की मौजूदगी से ग्रामीण डर के कारण खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं।
हालांकि, वन विभाग की टीमें चौबीस घंटे बारी-बारी से निगरानी में जुटी हैं। गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरों के सामने और उसे पकड़ने के लिए लगाए गए दो पिंजरों के पास फटकी तक नहीं। दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी डॉ. एच राजामोहन ने बताया कि शनिवार को गन्ने के खेतों में उसकी लोकेशन मिली है।
खेतों से निकलकर आबादी की ओर रुख न कर सके इसके लिए उसकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। वन विभाग उसे पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।