- रागनी कलाकार ज्ञानेंद्र और संध्या चौधरी ने दी प्रस्तुति, जलपरी शो बना आकर्षण का केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। प्राचीन बाराही मेले में सोमवार को वातावरण भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक उल्लास में रंगा नजर आया। धार्मिक अनुष्ठानों, रागनी, भक्ति और सामाजिक चेतना के साथ आधुनिक मनोरंजन का यहां अनोखा संगम देखने को मिला।
प्रसिद्ध रागनी कलाकार ज्ञानेंद्र सरधना और संध्या चौधरी की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कलाकार ज्ञानेंद्र सरधना ने जहां जीवन की नश्वरता और मानव उद्देश्य पर संदेश देने वाली रागनी पेश की, वहीं संध्या चौधरी ने सामाजिक सरोकारों पर आधारित रागनी के जरिए समाज की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाए।
दूसरी ओर जलपरी शो के दौरान सिमरन कौर ने पानी के भीतर जादुई गतिविधियों का प्रदर्शन किया। यह शो युवाओं और बच्चों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पानी के भीतर उनकी कला और अद्भुत गतिविधियों को देखकर दर्शक चकित रह गए।
इस मौके पर बाल प्रतिभा पलक राजपूत को संपूर्ण रामायण का मंचन करने पर शिव मंदिर सेवा समिति ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। बता दें, इस साल मेले की थीम ‘सोशल मीडिया और संस्कार’ रखी गई है। इसके जरिए आयोजकों ने अभिभावकों से बच्चों को डिजिटल दुनिया के दुष्प्रभावों से बचाने और भारतीय संस्कृति और संस्कारों से उन्हें जोड़ने की अपील की।
मुख्य अतिथि अग्रवाल समाज के महामंत्री आलोक गोयल, समाजसेवक मुकुल गोयल और कुमार आदित्य कवि ने सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और लोक परंपराओं पर विचार रखे। वहीं, विशिष्ट अतिथि आर्टिस्ट और यूटयूबर प्रदीप भाटी और रजनीश ने युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा पहचानने का संदेश दिया।