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Noida News: आज से 50 हजार डीजी सेट पर पाबंदी

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कनेक्शन जुड़ा मिलने पर जनरेटर होगा सील, रोजाना पांच हजार रुपये का लगेगा जुर्माना
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20 हजार से ज्यादा उद्योगों को राहत देने की गुहार लगाई
3000 करोड़ रुपये के बोझ की बात कह रहे उद्यमी संगठन
माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा।
जिले के हजारों उद्योगों के सामने सोमवार से बड़ा संकट खड़ा होगा। 15 मई से डीजल जनरेटर (डीजी सेट) चलाने पर पाबंदी लग जाएगी। औद्योगिक इकाई में जनरेटर का कनेक्शन जुड़ा मिलने पर जनरेटर सील कर दिया जाएगा। साथ ही, रोजाना पांच हजार रुपये जुर्माना लगेगा। ऐसे में जिले के 20 हजार से ज्यादा उद्योगों को राहत देने की गुहार उद्यमी संगठनों ने लगाई है। वहीं, कार्रवाई के डर से उद्यमी अब पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का कनेक्शन लेने के लिए पसीने बहा रहे हैं। नया नियम लागू होने से नोएडा-ग्रेनो की इकाइयों में लगे डीजी सेट बंद हो जाएंगे। जिले में अब तक 1500 से 2000 उद्योगों ने ही पीएनजी कनेक्शन लिया है। जांच के लिए 50 टीमों का गठन किया गया है। पुराने डीजी सेट को पीएनजी में बदलवाने के लिए कंपनियों में एडवांस बुकिंग करानी पड़ रही है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पीएनजी जनरेटर की अचानक मांग बढ़ने से इन्हें बनाने वाली कंपनियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। गैस आधारित नए जनरेटर और पुराने डीजी सेट को पीएनजी में बदलने के लिए उद्यमियों को एडवांस बुकिंग करानी पड़ रही है। कंपनियां एक से दो महीने का इंतजार करने का हवाला दे रही हैं। ऐसे में पीएनजी कनेक्शन से लेकर जनरेटर के बंदोबस्त में जुटे जिले के हजारों उद्यमियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि दिन में तीन से चार घंटे की बिजली कटौती के बीच अगर जनरेटर नहीं चले तो उद्योगों की रफ्तार मंद पडऩा तय है। उद्यमी संगठनोंं ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम), जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से राहत देने की गुहार लगाई है।
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नया नियम और इसका असर

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेश पर सोमवार से दिल्ली-एनसीआर में डीजी सेट चलाने पर पाबंदी होगी। हालांकि, दोहरे ईंधन जिसमें 70 प्रतिशत पीएनजी गैस और 30 प्रतिशत डीजल से चलने वाले जनरेटरों का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पहले ही चेतावनी दे चुका है कि परिसर में रखे डीजी सेट का कनेक्शन जुड़ा मिलने पर उसे सील कर दिया जाएगा। जब तक दोहरे ईंधन या पीएनजी चलित जनरेटर का बंदोबस्त नहीं होगा रोज पांच हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना लगेगा।



महंगा कनेक्शन और जनरेटर भी महंगा

कनेक्शन के लिए आवेदन के बाद 45 दिन के सिक्योरिटी चार्ज के साथ शुल्क मांगा जा रहा है, जिसका न्यूनतम खर्च 1.5 लाख से अधिक है। वहीं, गैस आधारित 20 केवीए के नए जनरेटर सेट की कीमत 5 से छह लाख, 25 केवीए का 6 से 8 लाख और 100 केवीए का 12 से 14 लाख रुपये है। डीजी सेट को दोहरे ईंधन में बदलने का खर्च भी पांच लाख से ऊपर है। एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अनुसार औद्योगिक इकाइयों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लगे लगभग 50 हजार जनरेटर को ड्यूल-फ्यूल में बदलने से जिले के उद्योगों पर 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक बोझ पडऩे का अनुमान है।



उद्यमी संगठनों की मांग

-उद्योग चलाने में आर्थिक तंगी बाधा बन सकती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए शासन-प्रशासन की तरफ से गैस आधारित जनरेटर पर सब्सिडी व अन्य रियायतें दिलवाई जाएं।

-कनेक्शन के लिए आवेदन के बाद 45 दिन के सिक्योरिटी चार्ज के साथ शुल्क जमा करा रही है। कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले उद्यमियों को सिक्योरिटी चार्ज से राहत दी जानी चाहिए।

- शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए तो उद्योगों को जनरेटर चलाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। गैस आधारित जनरेटर का बंदोबस्त होने तक दिन में एक से दो घंटे तक डीजी सेट चलाने की अनुमति दी जाए।

-नोएडा-ग्रेनो के कई औद्योगिक क्षेत्रों में पाइपलाइन नहीं डाली गई है। प्राधिकरणों से तालमेल बैठाकर इस काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

-कार्रवाई के नाम पर शुरुआत में ज्यादा सख्ती न की जाए। नियमों का पालन कराने की आड़ में इंस्पेक्टर राज से उद्यमियों की मुश्किलें न बढ़ जाएं, इसकी सख्त निगरानी रखने की भी जरूरत है।





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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी 15 मई से कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दे चुके हैं। जिले के 25 हजार उद्योगों में से चुनिंदा में ही दोहरे ईंधन के जनरेटर का इंतजाम हो पाया है। ऐसे में हम दिन में कम से कम एक से दो घंटे डीजी सेट चलाने की अनुमति की मांग उठाई है। -सुरेंद्र सिंह नाहटा, जिलाध्यक्ष-एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश का सम्मान किया जाएगा। उद्योगों को आर्थिक बोझ से राहत देने के लिए पीएनजी कनेक्शन के खर्च में सरकार को रियायत देनी चाहिए। हमारी अपील है कि पहली बार गलती होने पर उद्योगों पर किसी तरह की सख्त कार्रवाई न कर चेतावनी देकर छोड़ दिया जाए। -मनीष गुप्ता, चेयरमैन, इंडियन इंडस्ट्रीज एसेासिएशन-नोएडा चैप्टर
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