- बालवाटिका में मिलेंगी सभी सुविधाएं, बाल विकास एवं पुष्टाहार विकास विभाग का भी लिया जाएगा सहयोग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। विलय के बाद जिले में जिन स्कूलों के भवन खाली हुए हैं, उनमें से 40 से अधिक स्कूलों में 15 अगस्त से बाल वाटिका शुरू होगी। इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। खाली भवनों में पांच से छह साल के बच्चों के लिए शुरू होने वाली बाल वाटिका शुरू के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विकास विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है। रिपोर्ट आने के बाद बाल वाटिका का संचालन शुरू किया जा सकेगा। जिले में 40 से अधिक स्कूलों में बाल वाटिका का संचालन 15 अगस्त से किए जाने की तैयारी है। खाली भवनों में साफ-सफाई, रंग-रोगन व मरम्मत सहित अन्य कार्य के बाद आगंनबाड़ी को शिफ्ट किया जाएगा। बच्चों के लिए आवश्यक खेलकूद सामग्री, स्टेशनरी, पेंसिल, कलर, फोम वाली दरी आदि भी कंपोजिट ग्रांट से खरीदी जाएगी। 15 अगस्त को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के माध्यम से यहां पर ध्वजारोहण कराया जाएगा। ऐसे गांव के स्कूल जहां आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन नहीं होता है। वहां खाली हुए स्कूलों में युवाओं के लिए लाइब्रेरी का निर्माण की सुविधाओं को बढ़ाते हुए कंप्यूटर व किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसका लाभ प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहे युवाओं को मिल सकेगा।
अक्षर व संख्या ज्ञान कराया जाएगा
प्री-प्राइमरी शिक्षा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर कक्षा तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों बच्चों को अक्षर व संख्या ज्ञान कराया जाता है। इस तरह कॉन्वेंट विद्यालयों में प्री-प्राइमरी के अंतर्गत प्ले ग्रुप (पीजी) व किंडर गार्डन (केजी) की कक्षाएं संचालित होती हैं। उसी तरह आंगनबाड़ी केंद्रों पर नन्हे-मुन्ने बच्चों को प्री-प्राइमरी के अंतर्गत खेल-खेल में गतिविधियों पर आधारित की जाती हैं।