औड़ी-शक्तिनगर फोरलेन पर उड़ती धूल। संवाद
सोनभद्र। दीपावली के बाद जिले में वायु प्रदूषण बढ़ गया है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 154 था, जो अगले दिन बढ़कर 232 पर पहुंच गया। डाॅक्टर और पर्यावरण विशेषज्ञ इस स्थिति को सेहत के लिए खतरनाक बता रहे हैं।
अस्पतालों में सांस, एलर्जी, सीओपीडी, निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टर ऐसे मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक सिंगरौली परिक्षेत्र (सोनभद्र शामिल) में 20 अक्तूबर को एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 154 दर्ज किया गया था। वह अगले दिन 21 अक्तूबर को बढ़कर 232 पर पहुंच गया। दीपावली की रात और अगली सुबह जिले के कई इलाकों में धुंध की भी स्थिति देखने को मिली।
पर्यावरण वैज्ञानिक प्रेमनारायण और डॉ. संजय कुमार सिंह का कहना है कि सेहत के लिहाज से यह स्थिति खतरनाक है। इसको देखते हुए दमा और रक्तचाप के मरीजों को एहतियात बरतने की जरूरत है। ऐसे लोग घर से निकलते समय मास्क का प्रयोग करें तो बेहतर रहेगा।